बरेली से दिल्ली ले जाई जा रही चार करोड़ की स्मैक के साथ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह छह माह से स्मैक तस्करी के धंधे में लगे थे। बरेली से दिल्ली तक एक डिलीवरी देने पर उन्हें दस लाख रुपये मिलते थे। डिलीवरी देने वाले का नाम भी दोनों ने पुलिस पूछताछ में उगला है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
एसएसपी शैलेश पांडेय ने प्रेस कांफ्रेंस करके स्मैक तस्करों के पकड़े जाने का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि इज्जतनगर मिनी बाईपास के रहपुरा रोड पर मंगलवार रात करीब पौने बारह बजे एसएसआई सुदीश सिंह सिरोही के नेतृत्व में पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान कर्मचारी नगर की ओर से आती हुई महिंद्रा कार पुलिस को दिखी। संदेह होने पर पुलिस ने कार को रोका तो उसमें दो युवक बैठे मिले। पुलिस ने पूछताछ की तो युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। शक होने पर पुलिस ने कार की तलाशी ली तो दो थैले बरामद हुए। एक थैल में डेढ़ किलो और दूसरे थैल में ढाई किलो स्मैक था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए युवकों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्हें स्मैक की यह खेप दिल्ली पहुंचानी थी। जहां से एनसीआर और अन्य जगह पर इसकी सप्लाई होनी थी।
एसएसपी ने बताया कि स्मैक के साथ पकड़े गए युवक मीरगंज के गुलड़िया थाना क्षेत्र का गुलाम नबी और इज्जतनगर क्षेत्र के शिकारपुर निवासी चौधरी आसिम उर्फ असलम खां है। यह दोनों छह महीने से स्मैक तस्करी का काम कर रहे थे। दूसरी बार स्मैक की खेप पहुंचाने जा रहे थे। तभी पकड़े गए। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्मैक देने वाले का नाम बताया है। जल्द ही उसको भी गिरफ्तार किया जाएगा। पकड़े गए दोनों आरोपियों को मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया गया है।
आरोपी दिल्ली तक स्मैक पहुंचाने के दस लाख रुपये वसूलते थे। वहां पर किसको देना है, यह इन्होंने नहीं बताया है। इनका कहना है कि स्मैक एनसीआर और अन्य जगहों पर सप्लाई होती है। वाहन को सील कर दिया गया है। मुकदमा दर्ज करके दोनों आरोपी जेल भेज दिए गए हैं।
- शैलेश पांडे, एसएसपी