नवाबगंज इलाके के गांव जगनिया भगवंतापुर में 32 साल से बिजली नहीं आई है, लेकिन पावर कॉरपोरेशन ने एक उपभोक्ता को 1.06 लाख रुपये का बिल भेज दिया। पीड़ित के वाद दर्ज कराने पर उपभोक्ता फोरम ने बिल निरस्त कर दिया।
गांव जगनिया भगवंतापुर निवासी निरंजन सिंह ने वकील खालिद जिलानी के माध्यम से दायर वाद में कहा कि उन्होंने 16 अप्रैल, 1982 को अपने घर में बिजली का कनेक्शन लगवाया था। कनेक्शन वर्ष 1986 तक चालू रहा। इसका वह समय से बिल भी जमा करते रहे। इसके बाद बिजली विभाग ने गांव से बिजली की लाइन हटा ली।
वर्ष 1986 के बाद से आज तक गांव में बिजली नहीं आई है और न ही किसी को कोई बिल जारी किया गया है, लेकिन 32 साल बाद 24 मार्च, 2018 कोे बिजली विभाग ने उन्हें 1.06 लाख रुपये का बिल जारी कर दिया। बिजली विभाग ने तर्क दिया कि गांव में अब भी एक बिजली लाइन चालू है।
फोरम ने अपने फैसले में कहा है कि बिजली विभाग ने 1986 से 24 मार्च 2018 के बीच की अवधि के बिल का कोई रिकॉर्ड दाखिल नहीं किया और न ही कोई ऐसा साक्ष्य दिया जिससे यह साबित होता कि गांव में किसी और को बिल जारी किया है। इस पर फोरम के अध्यक्ष घनश्याम पाठक ने बिल निरस्त कर दिया।