फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: शाही-शीशगढ़ में हत्याओं की गुत्थी सुलझाने में पुलिस नाकाम

Fri, 22 Dec 2023 01:45 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। शाही और शीशगढ़ थाना क्षेत्र में नौ महिलाओं की हत्या के कुछ अधकचरे खुलासे सवालों में रहे तो तीन मामलों में गुत्थी सुलझने की बजाय उलझती जा रही है। फिलहाल पुलिस के हाथ खाली हैं। मानसिक मंदितों को अस्पताल भेजने का दांव नहीं चला तो नशेड़ियों पर निशाना साधा जा रहा है। अधिकांश मामलों में एक ही हत्यारोपी होने के संदेह में टीमें दूरदराज जिलों में जाकर साइको किलर जैसे मामलों की पड़ताल कर चुकी हैं। अलग-अलग हत्यारों की संभावना पर सैकड़ों लोगों से पूछताछ हो चुकी है। इस बीच भमोरा, बिथरी व नवाबगंज आदि इलाकों में नई हत्याओं ने पुलिस को झटका दिया है। महिलाओं ने डर की वजह से खेतों में अकेले जाना छोड़ दिया है।
विज्ञापन

-

न भट्ठा मालिकों को पकड़ा, न नए आरोपी मिले
शाही थाना क्षेत्र के गांव आनंदपुर में 29 जून को हुई 60 साल की प्रेमवती की हत्या का खुलासा साढ़े पांच महीने बाद भी नहीं हुआ है। परिजनों ने दो ईंट भट्ठा मालिकों समेत तीन लोगों पर नामजद रिपोर्ट कराई थी। प्रेमवती के बेटे और बेटी आज भी अपने उसी बयान पर कायम हैं कि खेत से खनन करने के विरोध में मां की हत्या की गई। बावजूद पुलिस इस हत्याकांड में शुरू से ही ढुलमुल रवैया अपनाए हुए है। कभी पुलिस गांव के संदिग्धों की धरपकड़ करती है, कभी परिवार पर ही सच बताने का दबाव बनाती है तो कभी लौटकर ईंट भट्ठा मालिकों पर ही शक जताती है। हालांकि पुलिस चाहे तो भट्ठा मालिकों को जेल भेजने लायक तमाम साक्ष्य उसके पास हैं, प्रेमवती लगातार इन लोगों की शिकायतें अधिकारियों से करके अपनी जान का खतरा जता रही थीं। ऐसी कई पुरानी शिकायतें व स्पीड पोस्ट से लेकर जांच के पत्र भी परिवार के पास हैं, प्रेमवती से इनकी लड़ाई के गवाह तमाम ग्रामीण भी मौजूद हैं।

उर्मिला की हत्या में नशेड़ियों की धरपकड़
26 नवंबर की शाम शीशगढ़ के गांव जगदीशपुर में 60 वर्षीय उर्मिला की हत्या कर शव गन्ने के खेत में डाल दिया गया था। पति वेदप्रकाश ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट कराई थी। ग्रामीणों ने संदेह जताया था कि पड़ोसी गांव के जुआरी व नशेड़ी उनके गांव में आकर उत्पात करते हैं, शायद उन्हीं ने कुंडल लूट की खातिर उर्मिला को मारा है। तब पुलिस ने इस बात पर उतना गौर नहीं दिया। पुलिस गांव से उन्हीं दिनों लापता दो खुराफातियों और बेहद करीबी लोगों पर संदेह कर सुराग जुटाने की बात कहती रही। परिवार से भी कई दौर की बात की गई। तर्क ये भी था कि गन्ने के खेत के अंदर पड़ा उर्मिला का शव इतनी जल्दी कैसे मिल गया। तमाम कयासों और संभावनाओं पर काम करने के बाद विवेचना अब फिर नशेड़ियों की ओर घूम गई है। रोज लोग पकड़े और पूछताछ के बाद छोड़े जा रहे हैं। दो लोगों पर शक ज्यादा है कि कहीं कुंडल बेचकर नशा करने के लिए तो उर्मिला की जान नहीं ले ली।
विज्ञापन

-

महमूदन की हत्या में अटक गया खुलासा
शीशगढ़ थाना क्षेत्र के ही गांव लखीमपुर में 31 अक्तूबर की शाम 62 वर्षीय महमूदन की हत्या की गई थी। खेत में पत्तों से ढके शव के गले को चुनरी से कसा गया था। दूसरे गांव में रहने वाली विधवा बेटी ने अज्ञात हत्यारों पर रिपोर्ट कराई थी। शुरू में पुलिस बेहद करीबी शख्स की योजना समझकर तफ्तीश करती रही। अब साक्ष्यों के अभाव में नशेड़ियों और अन्य संदिग्धों पर निशाना साध रही है।

-



वर्जन
तीन महिलाओं की हत्याओं का खुलासा शेष है। एसपी देहात व सीओ बहेड़ी लगातार शाही-शीशगढ़ क्षेत्र में कैंप करके टीमों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी भी समय-समय पर प्रगति पूछते हैं। प्रयास है कि जल्द ही सही और प्रमाणिक खुलासे किए जाएं। - घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें