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सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को नहीं मिली मदद, अब बनेंगे स्केच

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सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को नहीं मिली मदद, अब बनेंगे स्केच
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संजीव गर्ग हत्याकांड
दो संदिग्धों की तलाश है पुलिस को पर नहीं मिल रहा कोई सुराग
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। प्लाइवुड फैक्टरी मालिक संजीव गर्ग हत्याकांड में पुलिस की जांच सीसीटीवी फुटेज पर पहुंच कर अटक गई है। सोशल मीडिया पर संदिग्धों के फोटो वायरल करने के बाद भी पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिली। पुलिस फुटेज में दिख रहे दोनों संदिग्धों को ही कातिल मानकर चल रही है, लेकिन उनका सुराग नहीं लग पा रहा है। इसके अलावा पुलिस के पास कोई दूसरी लाइन भी नहीं है, जिस पर चलकर वह कातिलों तक पहुंच सके। एडीजी ने संदिग्धों के स्केच बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर जारी करने के निर्देश दिए हैं।
संजीव गर्ग हत्याकांड के खुलासे में एसएसपी ने कई टीमें लगा रखी हैं। पुलिस की अब तक की कवायद में सिर्फ दो संदिग्ध युवकों की फुटेज ही उसके हाथ लग सकी है। शहर से लेकर फतेहगंज पश्चिमी कस्बे तक ये दोनों संजीव के साथ दिखे हैं। उनकी गाड़ी के पीछे भी इन युवकों की कार दिखी है। करीब सौ फुटेज पुलिस ने खंगाली तब जाकर ये फुटेज जारी की है। पुलिस का मानना है कि ये दोनों भाड़े के हत्यारे हैं और इन्हीं ने संजीव की हत्या की है, लेकिन पुलिस इन तक पहुंच नहीं पा रही है। इस हत्याकांड का मास्टर माइंड कौन है, पुलिस यह भी स्पष्ट नहीं कर पा रही है। हालांकि पुलिस को जिस पर शक है, उसे पकड़ नहीं पा रही है। दरअसल पुलिस को विरोध होने का डर सता रहा है। ऐसे में घटना का खुलासा फिलहाल आसान नहीं लग रहा है। कातिलों तक पहुंचने के लिए एडीजी ने दोनों संदिग्धों के स्केच बनवाकर उन्हें सोशल मीडिया पर जारी करने को कहा है।
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घंटों पूछताछ लेकिन मास्टर माइंड तक नहीं पहुंच पा रही पुलिस
संजीव गर्ग की हत्या के मामले में पुलिस शुरू से ही यह मानकर चल रही है कि हत्या की साजिश किसी बेहद करीबी ने रची है और घटना को भाड़े के हत्यारों से अंजाम दिलाया गया है। रिश्तेदारों तक को शक की नजर से देखा जा रहा है। पुलिस परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से घंटों पूछताछ कर चुकी है। इसके बावजूद अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। संजीव अपने कारोबार की बातें किसी से शेयर नहीं करते थे। यही कारण हैं कि उनके मित्र भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। फैक्टरी में काम करने वालों से भी कुछ हासिल नहीं हो रहा है। बावजूद इसके पुलिस का अब भी मानना है कि घटना का मास्टर माइंड संजीव का बेहद करीबी ही है।
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