बिशारतगंज। मारपीट में गंभीर घायल किसान की अस्पताल में हुई मौत के मामले में पुलिस पर आरोपियों से साथ मुकदमे की धाराओं में खेल करने का आरोप लगाते हुए महंत व उनके समर्थकों ने थाने पर प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने महंत के समर्थकों को खदेड़ दिया। इसके बाद महंत समेत उनके 40 अज्ञात समर्थकों पर कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
थाना क्षेत्र के गांव जलालनगर निवासी कृषक 55 वर्षीय उम्मीद खां सात अप्रैल को बेहटा बुजुर्ग गांव चौराहे पर एक टेंट दुकान के व्यापारी से बात कर रहे थे। उसी समय उन्हीं के गांव जलालनगर निवासी रईस अहमद, अमीर अहमद व तसव्वर ने डंडों से हमला कर गंभीर घायल कर दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के परिजन मामला हत्या में तरमीम कराना चाहते थे। पुलिस ने पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के आधार पर अन्य धाराओं में दो नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया।
मृतक के बेटे सरफराज ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। मृतक उम्मीद खां के परिवार की पैरवी कर रहे महंत बाबा योगी विजय देव नाथ ने पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल कर दिए। वह सोमवार को थाने पर प्रर्दशन के लिए जलालनगर गांव से समर्थकों के साथ आ रहे थे। उसी दौरान महंत सीओ व अन्य पुलिसकर्मियों से उलझ गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने समर्थकों की छह बाइक, एक कार व दो ट्रैक्टर-ट्राॅली को कब्जे में ले लिया है। प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि एसआई यशपाल सिंह की ओर से महंत समेत 40 अज्ञातों पर कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। संवाद