बरेली। आरक्षी नागरिक पुलिस और पीएसी भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान अब तक करीब 25 महिला अभ्यर्थियों को संदिग्ध के तौर पर चिह्नित किया गया है। फिंगरप्रिंट का मिलान न होने से इन्हें भर्ती प्रक्रिया से रोक दिया गया है और उनका डाटा पुलिस भर्ती बोर्ड को भेजा गया है। संदेह जताया जा रहा है कि परीक्षा में सॉल्वरों की घुसपैठ भी हो सकती है। लिहाजा भर्ती बोर्ड के निर्देश आने के बाद ही तय किया जाएगा कि इन अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल किया जाए या नहीं।
पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद बरेली जोन की महिला अभ्यर्थियों के लिए पुलिस लाइन में शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन का कार्य चल रहा है। 28 नवंबर से चल रही मेडिकल प्रक्रिया के दौरान प्रतिदिन ही तीन से पांच तक ऐसी अभ्यर्थी सामने आ रही हैं, जिनके फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे हैं। अब तक करीब दो दर्जन ऐसे संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पांच मामले सोमवार को और तीन मामले मंगलवार को पकड़े गए। अफसरों का कहना है कि फिंगरप्रिंट मैच न होने वाली सभी अभ्यर्थियों का डाटा रोजाना ही पुलिस भर्ती बोर्ड को भेजा जा रहा है।
फिंगरप्रिंट मैच न होने से भर्ती के लिए होने वाली लिखित परीक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कहीं इन अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा में सॉल्वर तो नहीं बैठे थे। क्योंकि अगर यही अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में भी बैठे होते तो फिंगरप्रिंट का मिलान करने में कोई परेशानी नहीं होती।
क्लोनिंग के मामले सामने आए तो बढ़ाई सख्ती
भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आने के बाद परीक्षा केंद्र और शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट लेने की व्यवस्था शुरू हुई थी। मगर फर्जीवाड़ा करने वालों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया। उन्होंने फिंगरप्रिंट की क्लोनिंग शुरू कर दी। साल भर पहले पुलिस की भर्ती प्रक्रिया में ही एक अभ्यर्थी अपने अंगूठे पर क्लोनिंग वाले फिंगरप्रिंट लगाकर आ गया था, उसके बाद से सख्ती और ज्यादा बढ़ा दी गई है।
भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ चल रही है। रोजाना तीन-चार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिनमें फिंगरप्रिंट मिसमैच हो रहे हैं। इन अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से रोककर पुलिस भर्ती बोर्ड को सूचना भेजी जा रही है। भर्ती बोर्ड ही इन पर निर्णय लेगा। - एससी गंगवार, एसपी ट्रैफिक एवं नोडल अफसर