बहेड़ी। विधायक छत्रपाल सिंह और तत्कालीन इंस्पेक्टर धनंजय सिंह के बीच छिड़ी जंग के बाद बंद हुआ खनन अब फिर शुरू हो गया है। भाजपा के जिला पंचायत सदस्य ने इंस्पेक्टर और बड़े साहब से रातों रात सेटिंग कर ली है। बड़े साहब से खनन को हरी झंडी मिलते ही जिला पंचायत सदस्य ने नैनीताल फोरलेन पर एक प्लॉट के पटान का ठेका 35 लाख लेकर उस पर किच्छा नदी से खनन कर मिट्टी डलवाना शुरू कर दी है। यह भाजपा नेता केंद्रीय मंत्री के करीबी माने जाते हैं, दिल्ली के बड़े नेताओं तक इनकी पहुंच है।
खनन को लेकर तत्कालीन इंस्पेक्टर और विधायक के बीच हुई रार तब जाकर शांत हुई जब पहले इंस्पेक्टर धनंजय सिंह को लाइन हाजिर फिर दूसरे दिन फरीदपुर का चार्ज दे दिया गया। इधर नये इंस्पेक्टर की तैनाती को लेकर खनन माफिया नजरें गढ़ाए हुए थे। जब कई दिनों तक किसी की तैनाती नहीं हुई तो चार्ज इंस्पेक्टर राजेश कुमार को दे दिया गया। उनकी मीटिंग दो दिन पहले एक भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य के साथ हुई। तय हुआ कि खनन करना है तो इंस्पेक्टर को अपने आका को भी मनाना होगा। इंस्पेक्टर ने पहले अपने आका को मानाया फिर मामला सेट होते ही खनन को हरी झंडी दे दी गई। जिला पंचायत सदस्य ने रविवार रात अपनी खुद की जेसीबी मशीनें किच्छा नदी में लगाकर खनन शुरू करा दिया। रात भर ट्रैक्टर ट्रॉलियों से पटान का काम होता रहा।
सूत्रों के मुताबिक नेता जी ने नैनीताल फोरलेन पर मधुर मिलन बरातघर के पास एक प्लॉट के पटान का ठेका करीब 35 लाख रुपये में लिया है। इस ठेके को लेकर उनकी लंबे समय से बात चल रही थी, लेकिन इंस्पेक्टर धनंजय सिंह के रहते उनकी हिम्मत नहीं पड़ रही थी। उनके जाते ही नेताजी ने खाकी से सांठगांठ कर खनन का काम रातों रात चालू करा दिया। यही नहीं बाकायदा रात करीब एक बजे वह खुद पटान वाले स्थान पर खडे़ होकर बेधड़क खनन कराते रहे।
इसकी शिकायत कुछ लोगों ने इंस्पेक्टर राजेश कुमार से की तो वह फोन पर कहने लगे कि मैं क्या करूं और फोन काट दिया। कुछ देर बाद फिर दूसरे व्यक्ति ने फोन कर सवाल किया कि खनन चालू हो गया क्या तो इंस्पेक्टर बोले नहीं, फिर बोले हमें नहीं पता खनन रोकना उनका काम नहीं है, एसडीएम साहब को फोन करो। इसके कुछ देर बाद वह पटान वाले स्थान पर पहुंच गए और नेताजी से अकेले में कुछ गुफ्तगू की और फिर जीप में सवार होकर चले गए। यही नहीं यूपी 100 की एक गाड़ी रात में नेताजी के पास खड़ी रही। इस पर तैनात पुलिस कर्मियों ने अपनी जेब गर्म की फिर वहां से चलते बने। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने रात करीब एक बजे एडीएम एफआर को भी फोन किया, लेकिन दो बार कॉल रिसीव होने के बाद कट गई। इसके बाद उन्होंने सीओ आलोक अग्रहरि को फोन किया तो उनका सीयूजी नंबर बंद था।
पशु कटान में आई तेजी
बहेड़ी में पशु कटान का अवैध धंधा भी तेजी से शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक अगर किसी को घर में अवैध बूचड़खाना चलाना है तो थाने जाकर पुलिस की परमीशन लेनी होती है। परमीशन मिलते ही उसी दिन से उसका मीटर चालू हो जाता है। बहेड़ी में करीब सौ घरों में पशुओं का अवैध कटान चल रहा है। इसकी तस्दीक नैनीताल फोरलेन के किनारे प्लास्टिक के बोरो में भरकर फेंके गए पशुओं के अवशेष से साफ तौर पर होती है। सूत्र बताते हैं कि सट्टा, स्मैक, कच्ची शराब के तस्करों को थाने के हवालात में बंद करने के बाद एक दरोगा जी अपने कुछ खास सिपाहियों के जरिये मामला सैट करते हैं और फिर हवालात से उन्हें छोड़ दिया जाता है।
एसडीएम के छुट्टी पर होने की जानकारी भी है खनन माफिया को
एसडीएम ममता मालवीय छुट्टी पर चल रहीं हैं। उनका ऑपरेशन हुआ है। इस बात की जानकारी भी खनन माफिया को है। यही कारण है कि उनके छुट्टी पर जाते ही माफिया ने खनन चालू कर दिया। नेताजी को डर था कि धनंजय सिंह के जाने के बाद अब केवल एसडीएम ममता मालवीय ही ऐसी अधिकारी हैं जो खनन पकड़ने के लिए रात में भी निकल पड़ती हैं। एसडीएम मीरंगज को चार्ज मिलते ही उन्होंने यह मुफीद समय माना।
सीओ अशोक कुमार के निशाने पर थे ये नेताजी
सीओ अशोक कुमार के निशाने पर ये नेताजी कई दिनों तक रहे। उस समय नेताजी ने चोरी छिपे तो काम किया, लेकिन खुलकर कभी सामने नहीं आए। सीओ जब तबादला होकर बहेड़ी आए थे, तब इन नेताजी ने उनसे अच्छे संबंध बना लिए थे। उनके नाम का भी उन्होंने बड़ा इस्तेमाल किया था। जब सीओ को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने नेताजी से कन्नी काट ली थी और जमकर हड़काया भी था। उनके जाते ही नए सीओ से नेता जी ने अच्छे संबंध बना लिए हैं।
मुझे जानकारी नहीं है कि कहां खनन हो रहा है, अगर ऐसा है तो मुझे जानकारी दें। मैं नक्शा बनाकर एसडीएम को दे दूंगा। मेरे पास रात को कुछ लोगों ने फोन कर खनन की जानकारी दी थी तो मैंने कहा था कि एसडीएम से शिकायत करो, दूसरी बात अगर मैं कार्रवाई करूंगा तो फिर वही बात होगी कि पुलिस पैसे के लिए खनन पकड़ रही है। - राजेश कुमार, इंस्पेक्टर बहेड़ी।