बाल कल्याण समिति के सामने होना होगा पेश, लड़के के दो जन्म प्रमाणपत्र मिले, फर्जीवाड़े के आरोप में हो सकती है कार्रवाई
नवाबगंज/बरेली। सोलह बरस के दूल्हे की चार साल बड़ी दुल्हन से शादी हो जाती अगर शिकायत के बाद चाइल्ड लाइन की टीम तत्परता नहीं दिखाती। टीम ने नवाबगंज से बहेड़ी तक दौड़ लगाई और बहेड़ी पुलिस की मदद से जयमाला से ऐन पहले पहुंचकर शादी रुकवा दी। लड़के के दो जन्म प्रमाणपत्र मिले हैं। अब दोनों पक्षों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश होकर अपने दावे रखने होंगे, वर्ना उनके खिलाफ रिपोर्ट की जाएगी।
थाना नवाबगंज के एक गांव के लड़के की शादी बहेड़ी के एक गांव की युवती के साथ होनी तय हुई थी। गुरुवार को दूल्हा बरात लेकर जाने की तैयारी कर रहा था। इस बीच दूल्हे के ही एक रिश्तेदार ने प्रशासन के अधीन काम करने वाली चाइल्ड लाइन (बरेली) को सूचना दी कि लड़के की उम्र केवल 16 साल है। चाइल्ड लाइन टीम की प्रभारी कुसुम ठाकुर अपने साथियों को लेकर दोपहर के वक्त नवाबगंज कोतवाली पहुंच गईं। वहां पुलिस को मामले से अवगत कराया। कुंडरा कोठी चौकी इंचार्ज सुरेशपाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। उन्होंने थाने में मौजूद टीम को कॉल करके बताया कि जन्म प्रमाणपत्र के हिसाब से लड़के की उम्र 21 साल है। इधर, चाइल्ड लाइन के पास जो जन्म प्रमाणपत्र शिकायतकर्ता ने भेजा था वह उसकी उम्र 16 साल बता रहा था। तब पुलिस मामला रफा दफा करके लौट आई।
इधर, गांव से आननफानन बरात निकाल दी गई तो चाइल्ड लाइन की टीम भी पीछे लग गई। टीम देर रात बहेड़ी कोतवाली पहुंची और कोतवाली प्रभारी पंकज पंत को घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने टीम के साथ पुलिस भेजी तो बरात की दावत चल रही थी और दरवाजे की रस्म हो चुकी थी। जयमाला और इसके तुरंत बाद फेरों की तैयारी थी। टीम के साथ पुलिस पहुंची तो बारात के रंग में भंग पड़ गया। तब पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर लड़के के नाबालिग होने की बात बताई। लड़का पक्ष ने पहले विरोध किया पर दूसरा जन्मप्रमाण पत्र देखते ही सांप सूंघ गया। पुलिस ने शादी रुकवा दी। लड़की की उम्र 20 साल बताई गई।
नवाबगंज पुलिस ने कभी नहीं दिया साथ: कुसुम
कुसुम ठाकुर का कहना था कि नवाबगंज पुलिस मामले को टालती रही और बरात गांव से निकल गई। दोपहर में ही मामले को गंभीरता से लिया जाता तो बरात जाने की नौबत ही न आती। मजबूरी में बहेड़ी तक दौड़ लगानी पड़ी। बहेड़ी पुलिस ने इसे गंभीरता से लेकर टीम की मदद की। कुसुम का कहना था कि पहले भी कई मामलों में नवाबगंज पुलिस का रवैया निराशाजनक रहा है।
दोनों पक्षों ने दी लिखित सहमति
लड़के के दो जन्म प्रमाणपत्र मिलने के बाद स्थिति बदली तो लड़का और लड़की पक्ष बैकफुट पर आ गया। चाइल्ड लाइन को दोनों पक्षों ने लिखकर दिया कि वह मामले का निस्तारण न होने तक शादी नहीं करेंगे और बाल कल्याण समिति के सामने पेश होकर अपना पक्ष बताएंगे।
चाइल्ड लाइन टीम के साथ जाकर पुलिस ने शादी रुकवा दी है। दोनों पक्षों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश होना पड़ेगा। गड़बड़ी निकली या शादी की तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। - पंकज पंत, प्रभारी निरीक्षक बहेड़ी