उत्तराखंड से बरेली आने वाली वन उपज पर लगने वाले ट्रांजिट शुल्क के मामले में कर चोरी की बात जांच में सामने आ गई। इसमें वन विभाग के कई अधिकारी व स्टाफ भी फंस गए हैं। जांच में पता चला है कि चेक पोस्ट पर लंबे समय से चल रही गड़बड़ी पकड़ में न आए इसलिए वहां सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगाए गए।
उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर पर वन विभाग का चेक पोस्ट है। शासन में यह शिकायत पहुंची थी कि उत्तराखंड से वन उपज लेकर आने वाले वाहनों से ट्रांजिट शुल्क की वसूली न करके राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुश्रवण एवं कार्ययोजना) पवन कुमार शर्मा की अध्यक्षता में गठित टीम इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही थी। कुछ समय पहले टीम ने यहां मुख्य वन संरक्षक और डीएफओ कार्यालय में पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले थे।
जांच में अब वन विभाग के कई अधिकारी व स्टाफ दोषी मिले हैं। जांच में पता चला है कि दो राज्यों के बीच बहेड़ी में बने इस महत्वपूर्ण चेक पोस्ट पर अब तक सीसीटीवी कैमरा तो दूर बिजली का कनेक्शन तक नहीं है। ऐसे में इस चेक पोस्ट से गुजरने वाले वाहनों की निगरानी भी नहीं हो पा रही थी। चेक पोस्ट की ऑनलाइन निगरानी भी नहीं की जा रही है।
बहेड़ी चेक पोस्ट पर बिजली कनेक्शन नहीं है। एक जेनरेटर रखा है। जल्द ही वहां बिजली कनेक्शन के साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाएंगे।
-ललित कुमार वर्मा, मुख्य वन संरक्षक