मुकदमों में आई मामूली कमी, लेकिन उलझन बरकरार
बीते वर्षों के मुकाबले 2025 व मौजूदा वर्ष में लड़कियों के अपहरण के मामलों में मामूली कमी आई है, लेकिन पुलिस को उलझाने के लिए यह आंकड़ा काफी रहा। 2021 में 228, 2022 में 272, 2023 में 242 व 2024 में 259 और 2025 में 194 मामले सामने आए हैं। वहीं, 2026 में अब तक करीब 60 मामले ही दर्ज हुए हैं।
कई बार एक ही प्रेमी संग निकल रहीं किशोरियां
किशोरियों के मामले में तलाश के बाद कोर्ट उन्हें उनके परिजनों को सौंप देता है और उसका प्रेमी आरोपी के तौर पर जेल चला जाता है। ऐसे मामलों में ये भी देखने को मिला है कि प्रेमी के जेल से निकलने के बाद किशोरी फिर उसी के साथ चली जाती है। ऐसे मामलों में तीन-तीन बार रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस किशोरियों की तलाश करती है। यह प्रक्रिया किशोरियों के बालिग होकर वैध तरीके से शादी करने तक चलती रहती है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि ऐसे मामलों में बड़े विवाद की आशंका रहती है। इसलिए तत्परता से कार्रवाई कराई जाती है। इस समय भी हमारे कई थानों की टीम लड़कियों व आरोपियों की तलाश में दूसरे प्रदेश व शहरों में गई हैं। हमने सर्किल वार सर्विलांस सेल गठित कर दी है ताकि पीड़ितों को जिला मुख्यालय की दौड़ न लगानी पड़े।