पोकेमोन गेम के खिलाफ दरगाह आला हजरत के मंजरे इस्लाम ने फतवा जारी कर दिया है। इसमें गेम को देश की सुरक्षा और निजता के लिए खतरा माना है।
यह फतवा पांच बिंदुओं पर जारी किया है। इसमें खुद की जान का खतरा, दूसरों के लिए खतरा, देश की सुरक्षा को खतरा, शैतानी शक्तियों से प्रभावित होना, इंसान को अपने फर्ज जिम्मेदारियों और इबादत से दूर करने की बात शामिल है। पूरी जानकारी लेकर मंजरे इस्लाम के मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी ने ये बिंदु निकाल कर फतवा जारी किया है। उनका कहना है कि इस एतबार से शरियत इसे हराम और नजायज कहती है। लिहाजा इस पर रोक लगाया जाना लाजमी है।
उन्होंने बताया कि 3 अगस्त को मारिशस से मौलाना कमर रजा मंजरी का पहला फोन आया उन्होंने इसके बारे में बताया। इसके बाद मॉरिशस से ही मोहम्मद अली का दूसरा फोन आया और तीसरा फोन डरबन से मोहम्मद शाहिद का आया। इन सभी ने इस पर फिक्र जताई। इन लोगों से पूरी जानकारी लेकर गौर किया गया। तब इसे शरियत की रोशनी में गलत और हराम पाया गया।
क्या है यह गेम: यह गेम 7 जुलाई को अमेरिका से लांच हुआ। इसके बाद दस दिनों में 71 लाख लोगों ने इसका इस्तेमाल किया। खास कर विकासशील देशों में बहुत तेजी से फैला है। दरअसल इस गेम को मोबाइल के स्क्रीन पर लेने से एक नक्शा आता है। उसमें एक चित्र दिखता है जिसे शैतान नाम दिया गया है। साथ ही एक बॉक्स स्क्रीन पर आता है। शैतान को पकड़ कर इसी बॉक्स में डालना होता है जिस पर प्वाइंट मिलता है।
इस प्वाइंट को पाने के लिए खेलने वाले का पूरा ध्यान मोबाइल की स्क्रीन पर रखना पड़ता है। फिर नक्शे में शैतान जिधर-जिधर भागता है उधर की ही तरफ खेलने वाला भी दौड़ता जाता है। इसमें खिलाड़ी इतना बेखुद हो जाता है कि वह कहां जा रहा है उसे पता ही नहीं चलता। उससे सड़क, गड्डा, नाला तक की सुध नहीं रहती। इससे तो उसे ही खतरा है। वह खुद भी हादसे का शिकार हो सकते है। फिर स्क्रीन पर शैतान कभी किसी घर तो कभी मस्जिद, कभी मंदिर या फिर कभी सेना तक से क्षेत्र में छुपता है उसे ढूंढने के लिए खेलने वाला शैतान को पकड़ने के लिए वहां तक पहुंच कर बॉक्स में बंद करता है।
एक खास बात और भी है कि इस गेम में कैमरे के जरिए फोन की स्क्रीन पर 500 मीटर तक की तस्वीर और आवाज तक कैच होती है। इससे निजता भंग होने के अलावा सुरक्षा को भी खतरा है। एक और बात कि शैतान को इतना शक्तिशाली दिखाया गया है कि लोग उससे प्रभावित हो रहे हैं। जो उनके मानस पटल पर अपनी ताकत की छाप छोड़ रहा है। ऐेसी कि व्यक्ति उसी के नशे में होने लगता है। इतना बेसुध हो जाता है कि वह खुद की जिम्मेदारी को भूल जाता है।
पोकेमोन के मायने: पोके शब्द पॉकेट (जेब) से लिया गया है। जब कि मोन शब्द मोंस्टर से लिया गया है। इसके माने शैतान या राक्षस के हैं। इसी के शुरू के अक्षरों को मिला कर ‘पोकेमोन’ नाम दिया गया।