फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिकारियों के फंदे में फंसा लकड़बग्घा

Fri, 23 Dec 2016 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
विज्ञापन
Poachers caught in the trap of hyena - फोटो : बरेली, अमर उजाला
विज्ञापन
बहगुल नदी के तट पर शिकारियों ने छोटे जानवर को पकड़ने के लिए लोहे का शिकंजा लगाया था, लेकिन फंस उसमें बड़ा जानवर गया। शिकारियों ने जब उसे देखा तो उल्टे पांव भागे और गांव में शेर जैसे किसी बड़े जानवर के फंसने का शोर मचा दिया। बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई। हालांकि बाद में वन विभाग की टीम ने उसे बेहोश किया और जंगल में छुड़वा दिया। डीएफओ धर्म सिंह के मुताबिक जानवर हायना प्रजाति का लकड़बग्घा था।
विज्ञापन

लखनपुर गांव के समीप बहगुल नदी के कटरी क्षेत्र में ग्रामीण अक्सर छोटे जानवरों (खरगोश, सेही आदि) का शिकार करते हैं। शिकारियों ने बुधवार को इसी उम्मीद में कटरी क्षेत्र में नदी के किनारे लोहे का शिकंजा लगाया था। गुरुवार सुबह जब वह छोटे जंगली जानवर के फंसने की उम्मीद में जंगल में पहुंचे तो देखा कि उनके शिकंजे में करीब तीन फिट लंबा शेर प्रजाति का खूंखार जानवर फंसा हुआ है। शिकारियों के मुताबिक वह शिकंजे से अपना पैर निकालने की कोशिश कर रहा था और नाकाम होने पर दहाड़ रहा था। उसकी तेज आवाजें सुनकर शिकारियों का दल वहां से भागकर गांव पहुंचा और शेर जैसे किसी जानवर के शिकंजे में फंसने की जानकारी लोगों को दी। जल्द ही यह मामला फतेहगंज पूर्वी के अलावा आसपास के सभी गांवों में फैल गया, जिससे जंगल में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। भीड़ ने कस्बे के रामधुन शर्मा की ढाई बीघा से अधिक गेहूं की फसल नष्ट कर दी।
उधर, मो. इल्यास हमराज की सूचना पर सुबह दस बजे एसएचओ वीके मिश्रा के निर्देश पर दरोगा चिंतामणि शर्मा अपनी टीम को लेकर मौके पर पहुंचे। उनकी सूचना पर पहुंचे वन दरोगा विशाल बाबू, रक्षपाल आदि ने ग्रामीणों की मदद से उस खूंखार जानवर को मोटे रस्से से जकड़ लिया। जानवर ने छोटी रस्सियों को दांतों से काटने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा। दोपहर बाद वहां वन विभाग की टीम पहुंच गई और उसे ट्रांक्विलाइजड कर जंगल में छोड़ने के लिए अपने साथ ले गई। इसकी पुष्टि डीएफओ धर्म सिंह ने भी की है। 
विज्ञापन


नाम का अंदाजा लगा रहे थे ग्रामीण
फतेहगंज पूर्वी। कालीधारी युक्त, क्त्रस्ीम कलर के तीन फिट से अधिक लंबे शेर प्रजाति के इस जानवर को लोग गुलदार, भेड़िया आदि के नाम से पुकार रहे थे। उसका चौड़ा मुंह, दो से तीन इंच लंबे दांत उसे खूंखार बना रहे थे। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को जानवर का सही नाम बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें