कॉमर्शियल, इंडस्ट्रियल व व्यक्तिगत कनेक्शन के लिए लग रही कतार
एलपीजी की किल्लत के बीच जिन क्षेत्रों में पीएनजी लाइन बिछी है, वहां के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे वाले कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसके अलावा इंडिस्ट्रयल कनेक्शन के लिए भी आवेदन आए हैं। जिले में अब तक 120 कॉमर्शियल और 18 इंडस्ट्रियल कनेक्शन सक्रिय हैं। जबकि, दो सौ से ज्यादा पंजीकरण हुए हैं। कनेक्शन के लिए मोबाइल टीमें सक्रिय हैं, ताकि लेटलतीफी न हो।
कॉलोनी के हर घर में आपूर्ति का प्रयास
सीयूजीएल के जीएम जितेंद्र गौतम के मुताबिक, कृष्णानगर में करीब दो सौ, एसबीआई कॉलोनी के करीब सौ घरों में पहले ही कनेक्शन हो चुके हैं। अब मेन लाइन से इसे जोड़ते ही आपूर्ति शुरू हो जाएगी। आपूर्ति शुरू होने के बाद पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण बढ़ने की उम्मीद है। लोग सीयूजीएल केयर एप से सीधे पंजीकरण करा सकते हैं। 31 मार्च तक नए कनेक्शन पर डिस्काउंट भी चल रहा है।
ईकेवाईसी, एलपीजी बुकिंग, आपूर्ति की 892 शिकायतों का कराया गया निस्तारण
एलपीजी की बुकिंग, आपूर्ति और ईकेवाईसी जैसी समस्याओं के निस्तारण के लिए सक्रिय हेल्प लाइन नंबर पर 20 दिन में करीब एक हजार लोगों ने कॉल की। इसमें एलपीजी संबंधी 892 शिकायतों का समाधान पूर्ति विभाग ने कराया है। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह के मुताबिक, तीनों ऑयल कंपनी की 91 गैस एजेंसियों पर स्टॉक मौजूद है। सभी कंपनियों की गाड़ियां ट्रांजिट में हैं। तीनों ऑयल कंपनियों के 193 पेट्रोल पंपों पर भी भरपूर ईंधन उपलब्ध है।
निजी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों, छात्रावासों, आश्रमों आवासीय स्कूलों, नवोदय व केंद्रीय विद्यालय, जिला और सेंट्रल जेल, पुलिस लाइन, सीआरपीएफ कैंप समेत आवश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थानों को एलपीजी दे रहे हैं। जिन होटलों, ढाबों, कैटरर्स का पूर्व में कॉमर्शियल कनेक्शन है, उन्हें तीन माह के सापेक्ष 20 फीसदी सिलिंडर दिए जा रहे हैं। एसडीएम, सीओ की टीमें पूर्ति विभाग के साथ निरीक्षण कर रही हैं। सोमवार को देवचरा की जायसवाल गैस एजेंसी समेत अन्य का निरीक्षण किया गया।