भूमि न मिलने से अटका कार्य, जिले में 51 गांव हुए हैं चयनित
बरेली। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित 51 में से नौ गांवों में अब तक भूमि नहीं मिल सकी है। इस वजह से यहां कार्य शुरू नहीं हो पा रहा। नौ माह से खातों में बजट पड़ा है।
केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवाें को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) शुरू की थी। इसके तहत जिले में 51 गांवों का चयन किया गया है। प्रत्येक गांव के लिए केंद्र सरकार ने 20-20 लाख रुपये करीब नौ माह पहले दिए गए थे।
इस धनराशि से गांवों में जरूरत के अनुसार काम होने थे। नौ गांवों में अब तक लोग स्वीकृत बजट से काम होने की बाट जोह रहे हैं।
पहले भेजा प्रस्ताव, अब किया मना
पीएमएजीवाई के तहत चयनित गांवों के प्रधानों ने पूर्व में अपने-अपने यहां पर होने वाले कामों के लिए जमीन की उपलब्धता के आधार पर सूची बनाकर दी थी। इसके आधार पर गांवों के लिए सरकार ने धनराशि दी थी। लेकिन अब प्रधानों की ओर से जमीन उपलब्ध न होने की बात कही जा रही है। संवाद
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इन गांवों में नहीं हुए काम
जमीन न मिलने से भुजिया, खंडसारा, धीरपुर, सिमरा अजूबा बेगम इटौबा बेनीराम में काम शुरू नहीं हो सका। कनुआ कलान, भगवतीपुर, मिलक पिछौरा, जंगन डंडी में भी निर्माण शुरू नहीं हुआ।
पीएमएजीवाई के तहत कुछ गांवों में जमीन की उपलब्धता न होने की बात प्रधान कह रहे हैं। इसको लेकर प्रधानों से बात की जाएगी, ताकि जल्द से जल्द गांवों में कार्य शुरू हो सके। - सुधांशु शेखर, जिला समाज कल्याण अधिकारी