क्या है फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री के तहत किसान विवरण तैयार कर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में संकलित किया जाएगा। इसके लिए किसानों की उपलब्ध भूमि का सत्यापन आधार सीडिंग, किसानों की ई-केवाईसी की जाएगी। किसान की सहमति प्राप्त की जाएगी। इसके लिए किसान वेब पोर्टल https://upfr.agristack.gov.in व मोबाइल एप फार्मर रजिस्ट्री यूपी के माध्यम से स्वयं रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इसके अलावा किसान जन सुविधा केंद्र पर जाकर अपना आधार कार्ड, उससे लिंक मोबाइल नंबर एवं जमीन की खतौनी लेकर अपना फार्म रजिस्ट्री में दर्ज करा सकते हैं।
किसानों को नहीं है जानकारी
कुंवरगांव के किसान छविराम ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री क्या है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। अब विभाग में जाकर इसके संबंध में जानकारी लेंगे। वहां से मिली जानकारी के बाद में आवेदन करेंगे। गंज गांव के ब्रजलाल ने बताया कि मोबाइल फोन में दो बार फार्मर रजिस्ट्री करने का प्रयास किया, लेकिन विफलता हाथ लगी। इसकी वजह से इसको फिर नहीं किया है। अब विभाग के माध्यम से जानकारी लेकर इसको कराने का प्रयास करेंगे।
फार्मर रजिस्ट्री के लाभ
फार्मर रजिस्ट्री होने के बाद कृषकों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ सुगम और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकेगा। कृषकों को ऋण, केसीसी आदि बिना कठिनाई के सुगमता से मिल सकेगी। फसल बीमा का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद में कृषकों का पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से हो सकेगा।
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कृषकों को विभिन्न संस्थाओं वैज्ञानिकों इत्यादि से आवश्यक परामर्श समय से मिल सकेगा। उप कृषि निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि जनपद के हर किसान की फार्मर रजिस्ट्री होगी। किसान स्वयं भी मोबाइल एप फार्मर रजिस्ट्री यूपी को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके कर सकते हैं। ऐसा होने के बाद ही पात्र किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त मिल सकेगी।
उपकृषि निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि जिले के हर किसान की फार्मर रजिस्ट्री होगी। ऐसा होने के बाद ही पात्र किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त मिल सकेगी। इसके लिए राजस्व विभाग व कृषि विभाग के कर्मचारी ग्राम पंचायत में राजस्व विभाग, पंचायत के कर्मचारी शिविर लगा रहे हैं।