बरेली। वृहद पौधरोपण अभियान के तहत जिले में 27 विभागों ने 12,087 स्थानों पर पौधे रोपे। इनमें 87 स्थान वन विभाग के और अन्य दूसरे विभागों के हैं। 22 जुलाई को आईवीआरआई के अलाना बीसलपुर रोड स्थित कनसरिया, कैंट के ठिरिया रोड और क्यारा ब्लॉक के मंझा गांव में वृहद पौधरोपण किया गया। एक दिन में 20 लाख से ज्यादा पौधे रोपने का दावा किया। पौधे लगाने के बाद विभाग इनका संरक्षण भूल गए। देखभाल न होने से एक सप्ताह में ही पौधे सूखने लगे हैं। पौधों की जिओ टैगिंग भी नहीं हो सकी है।
दरअसल, वन विभाग जो पौधे रोपता है उनकी देखभाल भी करता है। अन्य विभाग अभियान में शामिल तो होते हैं लेकिन देखभाल नहीं करते। इससे रोपे गए पौधे दरख्त नहीं बन पाते। पिछले तीन वर्षों में पौधरोपण की स्थिति पर गौर करें तो वर्ष 2020 में 26,36,87 पौधे, वर्ष 2021 में 31,40,220 और 2022 में 37,47,235 पौधे लगाए गए। मंझा गांव में ग्राम्य वन की स्थापना भी की गई। मगर इतने पौधरोपण के बाद इन स्थानों से हरियाली गायब है।
सुरक्षा और देखभाल की व्यवस्था नहीं
वन विभाग के पास जिले में भूमि की कमी है। हर वर्ष ग्राम्य विकास विभाग को पौधरोपण का सबसे ज्यादा लक्ष्य दिया जाता है। जिले में राजस्व, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग में पास सबसे ज्यादा भूमि है। इस वर्ष भी ग्राम्य विकास विभाग को सर्वाधिक 21,50,000 पौधे रोपने का लक्ष्य दिया गया है। वन विभाग ने विभागों को पौधे उपलब्ध तो करा दिए लेकिन किसी ने रोपे गए पौधों और उनकी जिओ टैगिंग की सूचना नहीं दी है। कुछ स्थानों को छोड़ दें तो ज्यादातर स्थानों पर देखभाल न होने के चलते पौधे सूखने लगे हैं।
पौधे रोपने पर 1.60 करोड़ से ज्यादा खर्च
इस वर्ष जिले में 42.73 लाख पौधे रोपने पर 1.60 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। वन विभाग की नर्सरियों में फलदार और छायादार पौध तैयार करने पर भी बजट खर्च किया गया।
विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य-
वन विभाग- 63,100
ग्राम्य विकास विभाग- 21,50,000
पर्यावरण विभाग- 82,000
राजस्व विभाग- 181000
पंचायती राज विभाग- 2,19,000
आवास विकास- 6,000
औद्योगिक विकास- 9,000
नगर विकास- 92,000
लोक निर्माण विभाग- 14,000
जल शक्ति विभाग- 15,000
रेशम विभाग- 25,000
कृषि विभाग- 4,30,000
पशुपालन विभाग- 8,000
सहकारिता विभाग-9,520
उद्योग विभाग- 11,000
ऊर्जा विभाग- 6,580
माध्यमिक शिक्षा-13,000
बेसिक शिक्षा-21,000
प्राविधिक शिक्षा- 6,000
उच्च शिक्षा-24,000
श्रम विभाग-3,600
स्वास्थ्य विभाग-12,000
परिवहन विभाग-3,400
रेलवे विभाग-15,000
रक्षा विभाग-6,000
उद्यान विभाग-2,66,000
पुलिस विभाग-7,980
वर्जन
वन विभाग की ओर से 87 स्थानों पर पौधरोपण किया गया है। अन्य 26 विभाग भी पौधरोपण करा रहे हैं। 22 जुलाई से 15 अगस्त तक 42.73 लाख पौधे रोपे जाने हैं। वन विभाग की ओर से रोपे गए पौधे सही सलामत हैं। उनकी ओर से रोपे जाने वाले कुल पौधों में 90 फीसदी पौधे दरख्त बनते हैं। अन्य विभागों से रोपे गए पौधों और उनकी देखभाल के संबंध में सूचना मांगी गई है। - समीर कुमार, डीएफओ