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शहर की सुरक्षा के लिए 2.5 करोड़ का प्लान तैयार

Mon, 11 Sep 2017 02:19 AM IST
बरेली
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शहर की सुरक्षा के लिए सीनियर आर्किटेक्ट अनुपम सक्सेना ने ढाई करोड़ रुपये से सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्लान तैयार कर लिया है। पूरे सिस्टम का एक साल का मेंटीनेंस खर्च भी इसी रकम में शामिल है ताकि भविष्य में भी यह सिस्टम बिना किसी दिक्कत के काम करता रहे। प्लान के मुताबिक शहर की सभी 44 पुलिस चौकियों में वीडियो रिकार्डिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके अलावा पुलिस लाइंस में बनाए जाने वाले कंट्रोल रूम में भी सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज रिकॉर्ड होगी। यह इंतजाम इसलिए किया गया है ताकि बवाल के दौैरान किसी चौकी के रिकार्डिंग सिस्टम को भीड़ नुकसान भी पहुंचा दे तो कंट्रोल रूम में फुटेज महफूज रहे। सुरक्षा योजना चरणबद्ध ढंग से लागू होनी है।इस योजना के पहले चरण में नौ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। अब दूसरे चरण में चार और चौैराहों पर जल्द सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। 

अपनी सुरक्षा के लिए हम सब हाथ बढ़ाएं 
अमर उजाला की मुहिम के बाद शहर की सुरक्षा के लिए प्लान तो बन गया लेकिन इसमें कोई दोराय नहीं इसे शहर के जिम्मेदार लोगों के सहयोग के बिना लागू नहीं किया जा सकता। इसकी वजह भी साफ है कि इस पर खर्च होने वाली धनराशि भी जुटानी होगी। पुलिस और प्रशासन के पास तो इसके लिए कोई बजट नहीं है। लिहाजा शहरियों की ही जिम्मेदारी बनती है कि अपने शहर की सुरक्षा के लिए वे आगे आएं ताकि बुजुर्गों और महिलाओं के साथ होने वाले अपराध पर अंकुश लग सके। फिलहाल शहर के कुछ खास लोगों ने इसके लिए मुहिम शुरू की है। उन्हीं के जुड़कर बाजारों का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग भी आए आएं तो अपना शहर अपराध मुक्त हो सकता है।  
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कंट्रोल रूम से पूरे शहर की होगी निगरानी
पुलिस लाइंस में स्थापित कंट्रोल रूम में लगने वाले सीसीटीवी के मानीटरों पर पूरे शहर की निगरानी होगी। शहर में कहीं भी कोई घटना होती है तो कंट्रोल रूम में बैठे पुलिस कर्मी फौरन उस इलाके के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को थाने को बताएंगे। इससे लोकल पुलिस के मौके पर पहुंचने का रिस्पांस टाइम भी सुधरेगा। 

ट्रैफिक पुलिस का काम भी सुधरेगा
शहर के सभी चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगने से ट्रैफिक पुलिस को भी काफी राहत मिलेगी। दिल्ली की तरह आसानी से रेड लाइट तोड़ने वाले पकड़ में आ सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस नियम तोड़ने वाले वाहनों का चालान करके वाहन स्वामी के घर भेज देगी। इससे हर वाहन स्वामी निगम तोड़ने से भी डरेगा। जाम लगने की समस्या का भी तुरंत अधिकारियों का पता लगेगा। इससे वहां पुलिस फौरन पहुंचकर समस्या निपटा सकेगी। 

लूट, चेन स्नैचिंग और छेड़खानी करने वाले पकड़े जाएंगे 
शोहदोें को सबक सिखाने के लिए बरेली कालेज, वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय, साहू रामस्वरूप महाविद्यालय आदि नामी स्कूलों के आसपास सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। सड़क पर लूट, चेन स्नैचिंग और छेड़खानी वाले आसानी से पकड़े जा सकेंगे। वह घटना को अंजाम देने के बाद किसी तरह से भाग भी जाएं तो सीसीटीवी कैमरों से उनकी पहचान करना आसान होगा।  
 

शहर की सुरक्षा योजना को फेज वाइज लागू किया जा रहा है। पहले फेज में नौ चौराहोें पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। अब कोहाड़ापीर, कलेक्ट्रेट चौराहा, डीडीपुरम चौराहा, प्रेमनगर में धर्मकांटा चौराहे पर भी सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। कैमरों से आसपास के सभी रोड कवर किए जाएंगे। कलेक्ट्रेट इसलिए महत्वपूर्ण हैं कि यहां आए दिन धरना प्रदर्शन होते हैं। कैमरे लगने के बाद कोई किसी के साथ बदसलूकी करेगा तो पकड़ में आ जाएगा। - उमेश गौैतम, चांसलर इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी
फोटो--
शहर की सुरक्षा के लिए प्लान तैयार है। सभी सार्वजनिक स्थानोें को शामिल करके एयरमैप तैयार किया गया है। किस स्थान पर कौन सा कैमरा लगाना है यह भी हमने प्लान में रखा है। इस सिस्टम के लागू होने से अपराध कम होगा। ट्रैफिक समेत तमाम अन्य व्यवस्थाएं सुधर जाएंगे। औरंगाबाद (कानपुर) में इसी तरह सिस्टम लगा है। अपने शहर में भी लग सकता है। इसके लिए शहर के जिम्मेदार लोगों के आगे आने की जरूरत है। - अनुपम सक्सेना, सीनियर आर्किटेक्ट    
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पहले फेज में शहर में 75 कैमरे लग चुके हैं। इस योजना पर लगातार काम चल रहा है। जिन लोगों ने इसका बीड़ा उठाया है, वह पूरी तरह सक्षम हैं। इसलिए मुझे पूरी उम्मीद है कि शहर में जल्द ही सुरक्षा योजना पर और तेजी से काम होगा। सारे इलाके सीसीटीवी कैमरों से कवर हो जाएंगेे। इससे शहर के नागरिकों के काफी राहत मिलेगी। - कमलेश बहादुर, एसपी ट्रैफिक
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