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लालफाटक ओवरब्रिज- कैंट में जमीन अधिग्रहण के लिए की नापजोख

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लाल फाटक - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। कमिश्नर की फटकार के बाद लालफाटक ओवरब्रिज निर्माण के लिए सरकारी तंत्र एक्टिव हो गया है। सोमवार को प्रशासन और सेतु निगम की की टीम ने लालफाटक पर जमीन की पैमाइश की। कैंट एरिया में अधिग्रहीत होने वाली जमीन की नापजोख के बाद उतनी ही जमीन रक्षामंत्रालय को दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने बदायूं रोड पर बभिया में जमीन चिह्नित की है।
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इस ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करने के लिए सेतु निगम को कैंट क्षेत्र में जमीन का अधिग्रहण करना है, लेकिन वर्ष 2016 से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को लेकर फंसा यह पेच अब तक नहीं निकाला जा सका है। कैंट में ओवरब्रिज के लिए जितनी जमीन की जरूरत है, उसके बदले रक्षा मंत्रालय को दूसरी जगह पर जमीन उपलब्ध करानी है। अफसरों ने रक्षा मंत्रालय से एनओसी लेने की लिए लिखा-पढ़ी तो की लेकिन जमीन की तलाश पूरी नहीं की। शनिवार को लालफाटक पर निरीक्षण के दौरान कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने रक्षा मंत्रालय के लिए जमीन न ढूंढने पर सेतु निगम के अधिकारियों की न केवल फटकार लगाई, बल्कि तहसीलदार के सहयोग से कैंट और उसके आसपास के गांवों में सरकारी जमीन चिह्नित करने के निर्देश भी दिए थेे। शनिवार को तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने लेखपालों की मदद से बभिया गांव में जमीन को भी चिह्नित कर लिया है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को तहसील सदर और सेतु निगम की संयुक्त टीम ने लालफाटक पर पहुंचकर कैंट में अधिग्रहीत होने वाली जमीन की पैमाइश की। इसके आधार पर रक्षा मंत्रालय के लिए अवशेष जमीन को भी चिह्नित किया जाएगा।
‘सोमवार को कानूनगो और लेखपालों की टीम को कैंट में जमीन की नापजोख के लिए भेजा था। इस टीम में सेतु निगम के कई इंजीनियर भी शामिल थे। इस रिपोर्ट के आधार पर रक्षा मंत्रालय के लिए दूसरी जगह पर जमीन भी तलाश की जाएगी।’
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- आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार, सदर
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