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एफसीआई गोदाम में खेल: घुन लगे सैकड़ों क्विंटल गेहूं, चावल पर कर दिया जहरीली दवा का छिड़काव

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एफसीआई
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बरेली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) सीबीगंज के गोदामों में रखे सैकड़ों क्विंटल गेहूं और चावल में घुन लगने और उस पर जहरीली दवा के छिड़काव का गंभीर मामला सामने आया है। एफसीआई विजिलेंस ने इस मामले में डीएम नितीश कुमार से एक्सपर्ट की टीम गठित करके जांच कराने को कहा है। जनहित में इस जहरीले गेहूं, चावल के सरकारी राशन दुकानों को आवंटन करने पर तत्काल रोक लगाने के लिए भी कहा गया है। एफसीआई गोदाम के आसपास रहने वाले सैकड़ों लोगों की भी यह दिक्कत है कि घुनों ने उनका जीना मुहाल कर दिया है।
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एफसीआई गोदाम के पास सर्वोदयनगर के लोगों ने यह शिकायत की थी कि गोदाम से निकलकर घुन उनके घरों में घुस जाते हैं। घुनों के आंखों और नाक में घुसने से कई बच्चों की जान तक खतरे में पड़ चुकी है। कई बार शिकायत के बावजूद एफसीआई प्रबंधन ने कोई एक्शन नहीं लिया। पिछले साल अगस्त में यह मामला तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह के सामने भी आया था लेकिन बाद में अफसरों ने इसे दबा दिया। इसके बाद यह मामला एफसीआई दिल्ली मुख्यालय में अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के पास पहुंच गया है। इसमें यह शिकायत की गई है कि सीबीगंज के एफसीआई गोदामों में भंडारित सैकड़ों क्विंटल गेहूं और चावल में जबरदस्त घुन लगे हैं। गेहूं और चावल की क्वालिटी भी बेहद खराब है। सर्वोदयनगर के लोगों की शिकायत के बाद जांच के डर से एफसीआई स्टाफ ने खतरनाक कीटनाशक का छिड़काव किया है, इससे चावल और गेहूं जहरीला हो गया है। इससे बड़ी अनहोनी की आशंका जाहिर करते हुए कोटेदारों को इसका आवंटन न करने के लिए सचेत किया गया है। इस मामले को लेकर एफसीआई विजिलेंस के डिप्टी जनरल मैनेजर राजेश राव ने डीएम नितीश कुमार को विशेषज्ञों की टीम गठित करके इसकी जांच कराने और जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा है।

एफसीआई के एक अफसर की अवैध कमाई का चिट्ठा भी खोला
भारतीय खाद्य निगम के एक बड़े अधिकारी की अवैध कमाई का चिट्ठा भी एफसीआई के अध्यक्ष और एमडी तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस अधिकारी ने बरेली की एक पॉश कॉलोनी में आलीशान कोठी बना ली है। इसे बनाने के लिए उसने एक बैंक से करीब 70 लाख रुपये का लोन भी लिया है, जबकि कोठी बनाने में करीब 10 करोड़ का खर्च आया है। एक मिल मालिक और एक मंत्री की शिकायत के बावजूद इस अधिकारी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया है। एफसीआई विजिलेंस ने इस प्रकरण की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
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