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Bareilly News: तन से दिव्यांग, हौसले से भर रहे कामयाबी की उड़ान

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बरेली। हौसले बुलंद हों तो बड़ी से बड़ी बाधा भी आपकी राह नहीं रोक सकती। यह बात उन पैरा खिलाड़ियों पर सटीक बैठती है, जिन्होंने शारीरिक अक्षमताओं को अपनी ताकत बनाकर खेल जगत में कामयाबी का परचम लहराया। कठिनाइयों से भरी राह, समाज की दोहरी सोच, संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने अपने सपने को साकार किया और कामयाबी की नई इबारत लिखी।
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पोलियो को दी मात, जैनब ने पावरलिफ्टिंग में गाड़े झंडे

चार साल की उम्र में पोलियो से ग्रसित हुईं जैनब ने कभी हार नहीं मानी। ऑपरेशन के बाद वह बैसाखी के सहारे मुश्किलों को मात देती रहीं। वर्ष 2021 में उन्होंने पावरलिफ्टिंग में कदम रखा। अपनी मेहनत से इस खेल में महारत हासिल की। वर्ष 2021 में गाजियाबाद में आयोजित प्रदेश स्तरीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी काबिलियत साबित की। वर्ष 2023 में उन्होंने एशियन गेम्स में रजत पदक अपने नाम किया। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।

बिना हाथों के बिट्टू ने दौड़ में रचा इतिहास
बचपन में हुए हादसे ने बिट्टू ने अपने दोनों हाथ गंवा दिए। इससे उनकी जिंदगी बदल गई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी और परीक्षा में पैरों से लिखकर सबको चौंका दिया। खेलों के प्रति उनका रुझान तब बढ़ा जब उन्होंने टीवी पर खिलाड़ियों को शानदार प्रदर्शन करते देखा। इससे प्रेरित होकर उन्होंने दौड़ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का निर्णय लिया। जिला और मंडल स्तर पर कई पदक अपने नाम किए। 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति के आगे शारीरिक बाधाएं मायने नहीं रखतीं।
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तृप्ति ने एक हाथ से लिखी सफलता की कहानी
पैरा खिलाड़ी तृप्ति लोको मोटर डिसएबिलिटी से ग्रसित हैं। एक ही हाथ होने के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया। स्कूल में सीनियर खिलाड़ियों को देख उनके भीतर खेलों के प्रति रुझान जागा। उन्होंने शुरुआत नेटबॉल, जूडो और कराटे से की, लेकिन स्टेडियम में प्रशिक्षण के दौरान उनका परिचय अन्य खेलों से हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने दौड़ और लॉन्ग जंप में भी अपनी प्रतिभा को निखारा। कठिन परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने वर्ष 2023 में गुजरात में हुई जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में 100 मीटर दौड़ में रजत और लॉन्ग जंप में स्वर्ण पदक हासिल किया। वर्ष 2024 में खेलो इंडिया गेम्स में भी उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया।
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अनुष्का अग्रवाल (संवाद)
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