विश्वविद्यालय ने दी मंजूरी, शोध निदेशालय से लेनी होगी अनुमति
बरेली। पीएचडी के ऐसे छात्र जिन्हें दूसरे कॉलेज का पर्यवेक्षक चुनना पड़ा है, उन्हें पर्यवेक्षक के कॉलेज को ही शोध केंद्र के रूप में चुनने की विश्वविद्यालय ने मंजूरी दे दी है। हालांकि, शोधार्थी को शोध निदेशालय से अनुमति लेनी होगी।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध जिन महाविद्यालयों में परास्नातक की कक्षाएं नहीं चलती हैं, वहां के शोध छात्रों को परास्नातक स्तर के दूसरे कॉलेज से पर्यवेक्षक चुनना पड़ता है। इसके चलते इन छात्रों को मार्गदर्शन के लिए पर्यवेक्षक के कॉलेज तक दौड़ लगानी पड़ती थी। जिससे उनका शोध कार्य प्रभावित होता है। इस समस्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन शोध छात्रों को पर्यवेक्षक के कॉलेज को शोध केंद्र के रूप में चयन करने की छूट दी है। आदेश में कहा गया है कि यदि शोधार्थी या पर्यवेक्षक दूसरे कॉलेज को शोध केंद्र बनाना चाहते हैं तो वे शोध निदेशालय से अनुमति लेकर यह बदलाव कर सकते हैं।