बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग को इस वर्ष के अंत तक तीन प्रयोगशालाएं और तीन क्लास रूम मिल जाएंगे। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के तहत एक फार्मेसी विभाग संचालित करने के लिए 14 अलग-अलग लैब होनी चाहिए, जबकि विश्वविद्यालय में मौजूदा परिस्थितियों में आठ लैब में ही 14 लैब दिखाई जा रही हैं। जबकि आठ लैब ही पूर्ण रूप से संचालित हो रही हैं।
फार्मेसी विभाग की ओर से इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया। जिसे पीएम ऊषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत इस लैब का निर्माण करीब एक करोड़ दस लाख की लागत से होगा। पीएम ऊषा के नोडल प्रो. संजय मिश्रा ने बताया कि लंबे समय से फार्मेसी विभाग को लैब के निर्माण के लिए जगह चाहिए थी। जिसे चिन्हित करके, काम शुरू कर दिया गया है। यह कार्य यूपीपीसीएल की ओर से किया जा रहा है।
फार्मेसी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. केके महेश्वरी ने बताया कि इस समय मौजूदा विभाग में चार क्लास रूम संचालित हैं, वहीं प्रयोगशालाओं व कक्षाओं को एडजस्टमेंट संचालन किया जा रहा था। नए निर्माण के साथ नई तीन नई प्रयोगशालाएं मिलेंगी, साथ ही तीन कक्षाएं भी संचालित होंगे। अब तक एमफार्मा के फार्माकोलॉजी, फार्मास्यूटिक्स व फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री की कक्षाएं लगेंगी, साथ ही इनकी लैब भी संचालित होंगी। इससे रिसर्च के करीब 50 शोधार्थियों व 90 एफार्मा के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अब नए स्पेस मिलने से कक्षाओं व लैब का संचालन ठीक से किया जा सकेगा। जिसके बाद आधुनिक उपकरण मंगाए जाएंगे। संवाद