बरेली। शहर में 24 घंटे निर्बाध जलापूर्ति की योजना पर काम शुरू हो गया है। इसकी कवायद इंद्रानगर वार्ड से शुरू होगी। करीब 22 हजार की आबादी वाले इस वार्ड को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। यहां योजना के तहत करीब 21 करोड़ रुपये से जल निगम काम कराएगा। वार्ड के 2172 घरों में मीटर लगेंगे। गलियों में लॉक वाली पाइप लाइन डाली जाएगी। इसके साथ ही 24 घंटे पानी की आपूर्ति शुरू होने का दावा है।
इस इंद्रानगर वार्ड में 1982-83 में पाइप लाइन डालकर घरों में कनेक्शन किए गए थे। अब यहां पानी की नई पाइप लाइन डाली जाएगी। पाइप लाइन लिंकवाइस होगी, जिसकी खासियत ये होगी कि हर गली के मोड़ पर लाइन में लॉक लगा होगा। अगर किसी गली की पाइप लाइन फटती या लीक होती है तो पूरे हिस्से की आपूर्ति को नहीं रोका जाएगा। पाइप लाइन में लगे लॉक से केवल उस गली की आपूर्ति को बंद कर दिया जाएगा। दो ट्यूबवेल बनाए जाएंगे। इनमें एक पार्षद सतीश कातिब के घर के सामने पार्क में और दूसरा किप्स सुपर मार्केट के पीछे पार्क में लगेगा। जरूरत पड़ने पर ओवरहेड टैंक भी बनाए जाएंगे। मीटर जल निगम लगाएगा, लेकिन पानी का शुल्क नगर निगम वसूलेगा। इस काम के लिए पहले टेंडर निकाले गए थे लेकिन दो बिड होने के कारण टेंडर नहीं हो सका। इसके बाद आचार संहिता लग गई। अब आचार संहिता हटते ही टेंडर खोले जाएंगे।
एक तरफ तो शहर में 24 घंटे पानी की आपूर्ति शुरू करने के दावे हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में अब तक पूर्व में बनी योजनाओं के तहत ही पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। अब तक की स्थिति को देखें तो शहर में 90 के दशक में पानी की पाइप लाइन डाली गई थी। इसके बाद जल निगम को 2018 में शहर के पीरबहोड़ा आदि कुछ हिस्सों में पानी के लिए पाइप लाइन डालने का काम दिया गया था। करीब 36.30 करोड़ रुपये से 69.33 किलोमीटर पानी की पाइप लाइन डाली गई थी। 12096 घरों में पानी के कनेक्शन देने थे, लेकिन कनेक्शन जहां दिए गए थे उनमें कई जगह पानी नहीं पहुंचा। वहीं जल निगम का दावा है कि काम पूरा हो गया है। ये स्थिति शहर के कई हिस्सों की है जहां पाइप लाइन पड़ गई लेकिन घरों तक पानी नहीं आ सका। जल निगम का पटेल विहार योजना का काम ही कटघरे में है। यहां 2021 में पानी की पाइप लाइन डालकर घरों में टोंटियां लगा दी गईं लेकिन आज तक किसी टोंटी से पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी। हाल यह है कि जल निगम इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं।
रोजाना आपूर्ति - 145 से 150 मीट्रिक लीटर प्रति दिन (एमएलडी)
ओवरहैड टैंक - 42
ट्यूबवेल - 94
जेनरेटर - करीब 10 जगह
शहर में अमृत योजना का काम पूरा हो चुका है। अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत 24 घंटे जलापूर्ति के काम की शुरुआत की जा रही है। जल्द ही इसके टेंडर होने वाले हैं।- प्रवीण कुमार, सहायक अभियंता।