फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश में बरेली का हाल: स्मार्ट सिटी की सड़कों पर गिरते-पड़ते लोग पहुंचे घर; 30 हजार घरों की बिजली गुल

Sun, 10 Sep 2023 10:59 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में दो दिन से बारिश का सिलसिला जारी है। शनिवार को दिनभर बारिश हुई, जिससे शहरों की सड़कों पर जलभराव हो गया। सड़कों पर गड्ढे होने से मुसीबत और बढ़ गई। लोग गिरते पड़ते घर पहुंचे और व्यवस्थाओं को कोसते रहे।  
विज्ञापन
बारिश में जलभराव और गड्ढे बने मुसीबत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली स्मार्ट सिटी की सड़कों पर खतरनाक गड्ढे हैं। बारिश के बाद जलभराव से यह खतरा और बढ़ गया है। संजयनगर में शनिवार को कई ई-रिक्शा पलट गए। किसी तरह गिरते-पड़ते लोग घर पहुंच रहे हैं।  नगर निगम के जिम्मेदार अफसर भी देखकर आगे बढ़ जाते हैं। शहर में कई स्थान ऐसे हैं जहां जरा सी चूक जानलेवा हो सकती है। इसलिए जब तक गड्ढे भर नहीं जाते तब तक संभलकर चलिए। 

विज्ञापन


रामपुर गार्डन में कैंट विधायक संजीव अग्रवाल के घर के मोड़ से पहले मुख्य मार्ग पर खतरनाक गड्ढा है। विकास भवन और गांधी उद्यान के सामने भी खतनाक गड्ढे हैं। यहां से अफसरों व जनप्रतिनिधियों का आना-जाना लगा रहता है पर कोई ध्यान नहीं देता। 



संजयनगर में पलटते रहे ई-रिक्शा

संजयनगर के मुख्य मार्ग पर जलभराव होने से गड्ढों का पता नहीं चलता। शनिवार को दिनभर यहां ई-रिक्शे पलटते रहे। जरूरत पर लोगों ने खतरे भरा सफर किया।



हजियापुर में जलभराव से थमे कदम 
हजियापुर के निचले इलाके में जलभराव ने जनजीवन प्रभावित रहा। बार-बार मांग के बाद भी जल निकासी का इंतजाम नहीं हो पाया है। इस कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।



सीवर लाइन डालने के लिए खोद दिया गड्ढा 
सुभाषनगर में बदायूं रोड पर सीवर लाइन डालने के लिए एक महीने पहले गहरा गड्ढा खोदा गया। यह अभी तक खुला पड़ा है। यहां लोग फिसल कर गिर रहे हैं।


बाकरगंज रेलवे क्रॉसिंग के पास सड़क इतनी टूटी है कि जरा सी नजर चूके तो हादसे का शिकार हो जाएंगे। यहां पर वाहन धीमी गति से चल रहे थे।  


सराय पुलिस चौकी के सामने की सड़क पर गड्ढे बारिश में जानलेवा साबित हो रहे हैं। आए दिन यहां गिरकर लोग जख्मी हो रहे हैं। 


अलखनाथ मंदिर मार्ग पर गड्ढों को भरने की मांग एक वर्ष से की जा रही है। सावन शुरू हुआ तो उम्मीद बंधी थी पर नगर निगम ने जिम्मेदारी नहीं निभाई।


हार्टमैन पुल की सर्विस रोड पर भी गड्ढों की अनदेखी की जा रही है। यहां से 10 हजार वाहन रोज गुजरते हैं पर गड्ढे भरने के नाम पर खानापूरी की जा रही है।


सिटी स्टेशन तक जाना मुश्किल  

सिटी स्टेशन के निकट पार्सल घर के बाहर शनिवार को बारिश के कारण तीन-चार घंटे तक जलभराव रहा। स्टेशन तक आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

ऐसे गड्ढे देखकर कौन कहेगा कि यह स्मार्ट सिटी है। न निवेश बढ़ेगा न रोजगार। जिम्मेदार अब भी नहीं चेते तो हालत बदतर होंगे। - संजय कुमार
रामपुर गार्डन में मेरी दुकान के सामने गड्ढा है। दिन में लोग बचाकर निकल जाते हैं पर रात में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। - देवकीनंदन



टैक्स लेते हैं तो सड़कें ठीक क्यों नहीं होतीं। गड्ढे भरने के लिए कोई एक टीम बनाई जाए ताकि शहर में जोखिम भरा सफर न करना पड़े। - सूरज कुमार
हर जगह गड्ढे और जलभराव है। बारिश से पहले जल निकासी के इंतजाम होनेे चाहिए थे पर कागजों में काम हो गया। अब मुसीबत झेल रहे हैं। - दीपक कुमार
विज्ञापन

बिजली को लगा बारिश का झटका 
परसाखेड़ा से आने वाली 33 केवी बिजली लाइन में फॉल्ट होने से सुभाषनगर व मढ़ीनाथ सबस्टेशन से जुड़े 30 हजार घरों और प्रतिष्ठानों की आपूर्ति ठप हो गई। हरुनगला में शुक्रवार रात से ही आपूर्ति ठप है। शहर के दो लाख से अधिक लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। सुभाषनगर में शनिवार सुबह 11:30 से शाम को 6:45 बजे तक आपूर्ति ठप रही।



जगतपुर सबस्टेशन के रोहली टोला, विस्तार, मीरा की पैठ फीडर पर शुक्रवार शाम चार से रात 8:30 बजे तक बिजली गुल रही। सिविल लाइंस में शुक्रवार को दोपहर 12 से शाम 5:30 बजे तक बिजली नहीं मिली। परसाखेड़ा स्थित 220 केवी सबस्टेशन से 33 केवी किला सबस्टेशन के लिए आई 33 केवी लाइन शनिवार दोपहर ब्रेक डाउन में चली गई। दिनभर आपूर्ति प्रभावित रही। उपभोक्ताओं ने बताया कि दिनभर बिजली आती-जाती रही। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें