बरेली। डाकघर की योजनाएं लोगों को पसंद आ रही हैं। डाकघर में बचत खातों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है। इसके अलावा आरडी-एफडी में 115 महीने में दोगुना रुपये हो जाता है। यह वृद्धि उन क्षेत्रों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहां बैंकों की शाखाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। सुकन्या समृद्धि और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में सबसे अधिक ब्याज है।
विभाग की ओर से दिए गए आंकड़ाें के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहां जिले में बचत खातों की संख्या 1,09,344 थी, वहीं वित्तीय वर्ष 2023-24 में गिरावट आकर यह संख्या 1,05,649 हो गई थी। लेकिन, डाकघर द्वारा अपनी सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने के प्रयासों के कारण वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 1,29,617 तक पहुंच गई। यह वृद्धि दर्शाती है कि लोग डाकघर की विश्वसनीयता और पहुंच को महत्व दे रहे हैं। डाकघर के सीनियर पोस्ट मास्टर जेए खान ने बताया कि डाकघर का व्यापक नेटवर्क इसकी सबसे बड़ी ताकत है। जहां बैंक की सुविधाएं अभी तक नहीं पहुंच पाई हैं वहां भी डाकघर की शाखा है। बचत खाते के अलावा, डाकघर कई अन्य वित्तीय सेवाएं भी प्रदान करता है, जैसे कि सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र, और राष्ट्रीय बचत पत्र। एक साल की जमा पर 6.9 से लेकर पांच साल की जमा पर 7.5 ब्याज दिया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.2 की ब्याज दर है। संवाद
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डाकघर में भी आकर्षक ब्याज दर दी जा रही है।
- डाकखाने की व्यवस्थाओं में पहले से सुधारा आया है। रोलआउट 2.0 लागू होने से बैंक जैसी सुविधा जिले के डाकघरों में मिलने लगी है। - बिजेंद्र पाल सिंह, ग्राहक
- मैंने कई साल पहले बैंक के साथ डाकघर में भी खाता खुलवाया था। डाकघर में बैंक की अपेक्षा बचत खातों में ब्याज दर आकर्षक है, साथ ही एफडी पर अच्छा ब्याज है। - पूनम मेहरा, ग्राहक
बयान
- डाकघर में बचत खाते बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। डाकघर की ओर से ग्राहकों के लिए लाभदायक योजनाएं चलाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जागरूक किया जा रहा है। - अखिलेश कुमार वर्मा, प्रवर अधीक्षक, प्रधान डाकघर