पुलिस से शिकायत करने पर नमाज पढ़ना बंद किया गया। पिछले सप्ताह शनिवार को उसी जगह पर फिर नमाज पढ़ी गई। हिंदू समुदाय के लोगों ने कहा कि मुस्लिम अपने घरों में परिजनों के साथ नमाज अदा करें, इसमें किसी को आपत्ति नहीं है। विरोध सामूहिक रूप से एक जगह पर नमाज पढ़ने में है। ग्रामीणों ने बताया कि मुस्लिम पक्ष यह भी कह रहा है कि हम गांव में मंदिर बना लें और वे मस्जिद बना लें।
शरारती तत्वों ने भड़काया था
मुस्लिम पक्ष के तारिक खां विवादित स्थल पर अपनी भैंस को भूसा-पानी देते हुए मिले। उन्होंने कहा कि पुलिस और एसडीएम को शपथपत्र देकर बताया गया है कि जिस जगह को लेकर विवाद है, उसमें वे किसी भी तरह के मदरसे वगैरह का निर्माण नहीं करा रहे हैं। उसको पशुपालन और भूसा-चारा आदि को रखने के लिए बनाया गया है। कुछ शरारती तत्वों ने दूसरे पक्ष को भड़काया कि उन्होंने गांव में मदरसे का निर्माण कराया है। जबकि, गांव के सभी लोग मिल-जुल कर पहले की तरह ही रह हैं।
एसडीएम आंवला विदुषी सिंह ने बताया कि मामले को लेकर एक पक्ष कोर्ट गया हुआ है। दोनों पक्षों ने सहमति व्यक्त की है कि कोर्ट का जो भी निर्णय होगा, उसे वह मानेगें। गांव में पलायन जैसी कोई बात नहीं है। गांव का माहौल शांतिपूर्ण है।