नवाबगंज में नगर पालिका चुनाव की मतगणना के दौरान हुए विवाद के बाद एसडीएम राजेश कुमार की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर पर अभी तक कोई कार्रवाई न होने से नाराज पीसीएस अफसरों ने बुधवार को बैठक कर आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक बांहों पर काली पट्टी बांधकर काम करने का फैसला लिया। हालांकि पीसीएस अफसरों ने पहले हड़ताल पर जाने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन बैठक में इस पर विचार तक नहीं किया गया।
कलेक्ट्रेट सभागार में दोपहर तीन बजे उत्तर प्रदेश सिविल सेवा संघ की मंडलीय बैठक में अधिकारियों ने लखनऊ, कानपुर नगर और शाहजहांपुर के तिलहर में पीसीएस अफसरों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से अधिकारियों पर लगातार हमले हो रहे हैं। शासन को अवगत कराने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आए दिन घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है। इससे अधिकारियों के मनोबल पर प्रभाव पड़ रहा है। उनमें भय और कुंठा का वातावरण बन रहा है। बताया गया कि संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह ने नवाबगंज में एसडीएम पर हमले का मामला भी उच्चाधिकारियों से संज्ञान में डाल दिया है। जल्द ही इस पर कोई फैसला होगा। बैठक में मुख्य रूप से एडीएम (वित्त एवं राजस्व) जगतपाल सिंह, एसडीएम सिटी ओपी वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिंह के अलावा पीसीएस अधिकारी अरुणमणि त्रिपाठी, सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, अर्चना द्विवेदी, कुंवर पंकज, पारस नाथ मौर्य आदि मौजूद रहे।