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Bareilly News: इलाज न मिलने से मरीज तड़पे... तीमारदार भड़के, जिला अस्पताल में हुआ जमकर हंगामा

Wed, 18 Oct 2023 09:17 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

जिला अस्पताल में मरीजों की भरमार है। यहां आने वाले मरीजों को जांचों की रिपोर्ट से लेकर इलाज तक समय पर नहीं मिल पा रहा। मंगलवार रात इलाज न मिलने से मरीज तड़पने लगे, जिससे तीमारदार आक्रोशित हो गए। उन्होंने जिला अस्पताल में हंगामा कर दिया। 
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जिला अस्पताल में तीमारदारों का फूटा गुस्सा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में अव्यवस्थाओं से घिरे जिला अस्पताल में मरीजों की जान पर बन आई है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ इलाज के नाम पर तीमारदारों को दौड़ा रहे हैं। मंगलवार देर रात बुखार और डेंगू पीड़ित मरीज इलाज नहीं मिलने के कारण तड़पने लगे तो उनके तीमारदार भी भड़क गए। उन्होंने पहले इमरजेंसी में हंगामा किया। यहां सुनवाई नहीं हुई तो जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर हंगामा करते हुए जाम लगा दिया।

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जिले में इन दिनों डेंगू और बुखार का प्रकोप है। जिला अस्पताल में मरीजों की भरमार है। यहां आने वाले मरीजों को जांचों की रिपोर्ट से लेकर इलाज तक समय पर नहीं मिल पा रहा। खुद सीएमएस डॉ. अलका शर्मा डॉक्टरों की जिम्मेदारी तय करने में नाकाम साबित हो रही हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी से मंगलवार रात जिला अस्पताल में माहौल बिगड़ गया। 

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इज्जतनगर क्षेत्र के मठ लक्ष्मीपुर निवासी शुभम मिश्रा ने अपने दादा रामलाल मिश्रा और छोटे भाई प्रेम मिश्रा को दो दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रेम मिश्रा को डेंगू हुआ है, जबकि उनके दादा को पेशाब संबंधी समस्या है। दोनों को अब तक इलाज नहीं मिल सका है। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात दोनों की स्थिति खराब थी। देर रात डॉक्टर राउंड पर आए तो उन्होंने मरीज की स्थिति के बारे में पूछा। इस पर डॉक्टर ने कहा कि दूसरा डॉक्टर बताएगा।

मरीजों को इलाज न मिलने पर तीमारदारों ने किया हंगामा - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर पर अभद्रता करने का आरोप  
सुबोध गुप्ता के परिवार से भी बुखार पीड़ित भर्ती हैं। उनका कहना है कि दो दिन के बाद भी इलाज तो दूर जांच रिपोर्ट तक नहीं मिली है। जब डॉक्टर से पूछा तो उन्होंने कह दिया कि दूसरा डॉक्टर बताएगा। तबीयत बिगड़ने की बात कही तो डॉक्टर ने अभद्रता करते हुए कह दिया कि मरीज को कहीं और ले जाओ। मेरी जिम्मेदारी नहीं है। कई और मरीजों के साथ ऐसा व्यहार हुआ तो माहौल बिगड़ गया। तीमारदारों का गुस्सा देखकर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ भी यहां से किनारा कर गया। इसके बाद देर रात तक अस्पताल में हंगामा होता रहा।

जिम्मेदार बुखार और डेंगू के मरीजों को लेकर कितने संजीदा हैं, इसका अंदाजा इसी बता से लगाया जा सकता है कि चार दिन में डेंगू के 107 नए मरीज मिल चुके हैं। इस बीच जिला और जिला महिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में उपलब्ध बेडों की संख्या 40 ही है। हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। 

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रात में एक ईएमओ के भरोसे अस्पताल 
मरीजों की जान सांसत में है और तीमारदार परेशान हो रहे हैं। रात में जिला अस्पताल को एक ईएमओ के भरोसे छोड़ दिया जाता है। कई मरीजों के तीमारदारों का आरोप है कि डॉक्टर उनको सलाह देते हैं कि मरीज को निजी अस्पताल ले जाएं। वे निजी अस्पतालों के नाम भी सुझाते हैं। तीमारदारों ने बताया कि डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मनमानी के साथ अभद्रता भी कर रहे हैं।

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जिला अस्पताल के डॉक्टरों पर शराब पीकर रात में चौराहों पर हंगामा, बवाल व पुलिस से मारपीट के आरोप भी हैं। 17 अगस्त की रात जिला अस्पताल के डॉ. राहुल वाजपेयी और डॉ. वैभव शुक्ला ने पैरामेडिकल स्टाफ के साथ सौ फुटा रोड पर बवाल किया था। मारपीट और हंगामा के बीच महिला कांस्टेबल के साथ छेड़खानी भी की थी। डॉ. राहुल वाजपेयी भी जिला अस्पताल में ईएमओ पद पर हैं। ऐसे में जिला अस्पताल के बेलगाम स्टाफ को लेकर अक्सर उंगलियां उठती रहती हैं।

सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि हंगामा जैसी कोई सूचना नहीं मिली है। कुछ लोगों की शिकायत थी। ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डॉ. शैलेश रंजन से मैंने बात की है। किसी भी मरीज और तीमारदार को समस्या नहीं होने दी जाएगी। अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। 
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