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Bareilly News: मरीजों में मिल रहे लेप्टोस्पायरोसिस, स्क्रब टाइफस के लक्षण, जांच ठप

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बरेली। चूहे, छछूंदर से फैलने वाली लेप्टाेस्पायरोसिस व स्क्रब टाइफस बीमारी के लक्षण इलाज के लिए ओपीडी पहुंच रहे मरीजों में मिल रहे हैं, पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू नहीं की है। रोग की पुष्टि के अभाव में बुखार और दर्द की दवा से मरीजों की हालत बिगड़ने की आशंका है।
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स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, बीते वर्ष जिले में पहली बार लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस की जांच शुरू हुई थी। साल भर में लेप्टो के चार और स्क्रब टाइफस का एक मरीज मिला था। हालांकि, समय से इलाज होने पर कोई जनहानि नहीं हुई। अब जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में इन बीमारियों के लक्षण मिलने की आशंका चिकित्सक जता रहे हैं, लेकिन जांच के लिए कोई दिशानिर्देश जारी न होने की वजह से मरीजों के सैंपल नहीं भेज रहे। मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू, वायरल आदि जलजनित रोगों की जांच में रिपोर्ट निगेटिव मिल रही है।
आईडीएसपी प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक बारिश के बाद जिन इलाकों में जलभराव होता है, वहां लेप्टो, स्क्रब के मरीज मिलने की आशंका रहती है। विभाग के पास एलाइजा जांच किट मौजूद हैं। चिकित्सकों को इन बीमारियों की जांच के लिए एडवाइजरी जारी की जाएगी।
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मरीज मिले तो स्वास्थ्य केंद्र की तय होगी जबावदेही
बताते हैं कि लेप्टो और स्क्रब संक्रामक रोगों की सूची में शामिल है। जहां मरीज मिलेंगे, उस क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र को टीम बनाकर घर-घर पहुंचकर मरीजों का हेल्थ रिकॉर्ड दर्ज करना पड़ता है। संभावित लक्षण वाले मरीजों के सैंपल की जांच करानी होती है। एक से ज्यादा मरीज मिलने पर इलाका हॉटस्पॉट बनता है। जबावदेही और निगरानी बढ़ने की वजह से चिकित्सक जांच लिखने से बच रहे हैं।

डेंगू, मलेरिया जैसे हैं लेप्टो, स्क्रब टाइफस के लक्षण
डॉ. अब्बास के मुताबिक लेप्टो और स्क्रब टाइफस के लक्षण डेंगू, मलेरिया जैसे ही होते हैं। इनमें फर्क सिर्फ जांच से मुमकिन है। ये इंट्रासेल्यूलर बैक्टीरिया ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी के कारण होता है। समय से एंटीबॉयोटिक्स शुरू हो जाए तो रोग से निजात मिलती है। देरी से हालत गंभीर होने की आशंका होती है। बुखार के साथ ठंड, सिर, बदन और मांसपेशियों में दर्द लक्षण है। गिल्टियां उभरती हैं। सतर्कता ही बचाव है। ब्यूरो


लेप्टो और स्क्रब टाइफस की जांच के लिए एडवाइजरी के तहत सभी अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्रों को संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। निजी अस्पतालों को भी संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए सैंपल भेजने को कहा जाएगा। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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