बरेली में लैंड पूलिंग योजना में किसानों के बजाय ग्रुप हाउसिंग, स्कूल, अपार्टमेंट आदि के लिए भूखंड सृजित कर दिए गए। विसंगतियां सामने आने पर आयुक्त आवास ने ले-आउट निरस्त कर नए सिरे से डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
बरेली के परसाखेड़ा में लैंड पूलिंग योजना के तहत 522 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही आवासीय योजना का ले-आउट निरस्त कर नए सिरे से बनाया जाएगा। वर्चुअल बैठक में सोमवार को आयुक्त आवास डॉ. बलकार सिंह ने यह निर्देश दिया।
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आवासीय योजना के एक हिस्से में किसानों की जगह ग्रुप हाउसिंग के लिए भूखंड सृजित करने की वजह से योजना के लिए अपनी भूमि देने वाले किसानों के लिए भूखंड का संकट खड़ा हो गया है। साथ ही किसानों को भूखंड आवंटन के लिए प्रस्तावित 21 व 22 मई की तिथि भी आगे बढ़ाने की बात कही।
200 से अधिक किसानों ने दी थी सहमित
पहले चरण में सेक्टर चार, पांच, छह व सात के नियोजन की योजना बनाई गई है। इसके लिए 200 से अधिक किसानों ने 67 एकड़ से अधिक भूमि देने के लिए सहमति भी दे दी थी। इन किसानों को 21 व 22 मई को भूखंड आवंटित होने थे, पर उससे पहले ही विसंगतियां सामने आ गईं।
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वर्चुअल बैठक में सेक्टर पांच व चार में 80 फीसदी से अधिक भूखंड किसानों के बजाय ग्रुप हाउसिंग, स्कूल, अपार्टमेंट, हाईराइज बिल्डिंग आदि के लिए सृजित करने की बात सामने आई। आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता राजेंद्रनाथ राम ने बताया कि नए ले-आउट पर जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा।