सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
इज्जतनगर के परतापुर चौधरी निवासी मकसूद की शिकायत पर शुक्रवार रात में ही कोतवाल सुरेश चंद्र गौतम ने जिला अस्पताल चौकी प्रभारी सुदीप बघेल से अस्पताल परिसर के सीसीटीवी कैमरे चेक कराए। इसमें कुछ खास जानकारी नहीं मिली। दंपती ने जिला अस्पताल में बच्ची की दवा लेने और जन्म प्रमाणपत्र कक्ष में जाने की बात बताई, लेकिन फुटेज से पुष्ट हुआ कि मकसूद व उसकी पत्नी सवाना पूरे दिन या रात भर जिला अस्पताल आए ही नहीं थे।
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निसंतान दंपती को दे दी थी बच्ची
पुलिस ने सख्ती की तो दोनों ने कबूल कर लिया कि उन्होंने अपनी बच्ची बहेड़ी के शेखूपुर निवासी शबावी को दे दी थी। जिला अस्पताल में ही करीब दो साल पहले शबावी और शबाना की मुलाकात और फिर दोस्ती हुई थी। शबावी के पति तस्लीम वर्ष 2018 से अपाहिज हैं। दोनों के कोई बच्चा नहीं है और शबावी ने बच्चा गोद लेने की इच्छा जताई थी। वहीं शबाना को इस बार बेटा होने की उम्मीद थी। उसे 21 दिन पहले तीसरी बेटी हुई तो तंगहाली में बढ़ते परिवार को सीमित करने का मन बना लिया।
मकसूद ने बताया कि वह पत्नी शबाना के साथ शुक्रवार सुबह बेटी की दवा व उसका जन्म प्रमाणपत्र लेने की बात कहकर घर से निकला था और बहेड़ी जाकर शबावी को बच्ची सौंप दी। वहां से लौटकर रात को घर गए तो परिवार व कुनबे के अन्य लोगों ने बच्ची न देखकर सवाल पूछने शुरू कर दिए। तब इन लोगों ने जिला अस्पताल से बच्ची के अगवा होने का बहाना बना दिया।