संजय और अमित के गांव पहुंचकर जानकारी देने पर प्रधान हरिनंदन, हरविंदर, संजय, राजेश, कन्नौजी, अवधेश, अहिवरन, अमित, राजेश, विजयपाल, रामचंद्र सहित तमाम लोग टार्च और मशाल लेकर शोर मचाते चकरोड की ओर गए। इसके बाद बाघ जंगल की ओर चला गया। लोगों ने बताया कि वनकर्मियों को सूचना दी गई, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
सावधानी के साथ समूह में खेतों पर जाएं किसान
वन दरोगा कामता प्रसाद वर्मा ने बताया कि बाघ की लोकेशन के लिए वनकर्मी लगातार कॉम्बिंग कर रहे हैं। गांव के लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। कोई भी किसान रात में गांव के बाहर अकेले न निकले। जाना जरूरी हो तो कई लोग साथ निकलें और आपस में बातचीत करते रहें। बाघ जंगल में ही है। वह बाहर नहीं निकला है। जिन लोगों के खेत जंगल के किनारे हैं, वहीं बाघ के खेतों की ओर आने की बात कह रहे हैं।
खुटार रेंज के रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मैं इस समय बाहर हूं। अभी मुझे कोई जानकारी नहीं मिली है। जानकारी मिलते ही टीम को भेजा जाएगा और बाघ को जंगल में खदेड़ा जाएगा।