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कोविड सैंपलिंग हंगामा

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बरेली। कोविड चिकित्सालय स्थित फ्लू कॉर्नर पर बुधवार को फिर सैंपलिंग में लेटलतीफी होने पर जमकर हंगामा हुआ। बताते हैं कि सुबह से ही अस्पताल पहुंचे लोगों की सैंपलिंग घंटों इंतजार के बाद भी नहीं हो सकी तो उनका पारा चढ़ गया। वह सैंपलिंग एरिया में जा घुसे और सैंपलिंग स्टाफ से उलझ गए। चिकित्सकों ने लोगों को समझाकर शांत कराया तब सैंपलिंग शुरू हुई।
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स्टाफ की कमी से जूझ रहे कोविड अस्पताल के फ्लू कॉर्नर पर बुधवार को दूसरी बार लोगों ने हंगामा किया। बताते हैं कि बुधवार को सैंपलिंग के लिए लगे एलटी को प्रशासन और पुलिस के अफसरों, कर्मचारियों की सैंपलिंग के लिए भेज दिया गया था। इसके बाद सिर्फ एक ही एलटी के भरोसे फ्लू कॉर्नर पर जांच चल रही थी। इसके अलावा टीम में शामिल एक कर्मचारी रजिस्ट्रेशन कर रहा था तो दूसरा सैंपलिंग फार्म भर रहा था। तीसरे कर्मचारी को रजिस्टर पर ब्योरा दर्ज करने में लगाया गया था।
सुबह करीब दस बजे से ही लाइन में लगे लोगों की जांच जब दोपहर डेढ़ बजे तक नहीं हो सकी तो उनका धैर्य जवाब दे गया। वे स्टाफ से उलझने लगे। इसे लेकर तीखी नोकझोंक होने लगे। लैब टेक्नीशियन ने स्टाफ कम होने की बात कही तो जांच कराने आए संदिग्ध संक्रमित भड़क गए और स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली के खिलाफ गुस्सा जताते हुए हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंचे चिकित्सक और अन्य लोगों ने उन्हें समझाकर शांत कराया। करीब आधे घंटे तक कार्य प्रभावित रहा। इसके बाद सैंपलिंग शुरू हुई तो शाम पांच बजे तक जारी रही। सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने कॉर्नर पर स्टाफ बढ़ाने का आश्वासन दिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हो सके।
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भीड़ बढ़ने से व्यवस्थाएं तार-तार
करीब एक पखवाड़ा पहले लगभग सूने पड़े फ्लू कॉर्नर पर अब सुबह से ही सैंपलिंग के लिए लोग पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन करीब तीन सौ से ज्यादा लोगों की जांच हो रही है। ऐसे में एक ही लैब टेकनीशियन की तैनाती होने से लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पूर्वाह्न 11 बजे तक सभी कुर्सियां भर जाती हैं। इसके बाद पहुंचने वालों को खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। कई लोग बाहर खड़े रहते हैं। वहीं, जो पॉजिटिव मिलते हैं, उन्हें प्रशासनिक भवन की ओर बने काउंटर पर भेज दिया जाता है।
निगरानी के लिए भी स्टाफ की भारी कमी
सैंपल कराने आए तमाम लोगों की निगरानी करना बेहद कठिन है। स्टाफ कम होने से गेट पर सीएमओ के आदेश से पर्चा बनाने की प्रक्रिया खत्म कर दी गई है। ऐसे में जांच कराने दूर दराज से आए लोग घंटे भर लाइन में लगने के बाद संक्रमण की आशंका से मास्क को वापस जाते समय परिसर में ही फेंक देते हैं। ऐसे में अगर कोई उसके संपर्क में आएगा तो संक्र मित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उधर, जांच कराने पहुंचे लोगों ने भी इस पर आपत्ति जताई। परिसर में सफाई कार्य को बदहाल बताया।
अस्पताल में बनाई गई कोविड हेल्पडेस्क
अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों और उनके परिजन की सहायता के लिए सीएमएस डॉ. वागीश वैश ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। उन्होंने बताया कि अगर किसी मरीज के पास फोन नहीं है तो भी उसके परिजन कॉल कर जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा हेल्पडेस्क से लोगों को जांच, इलाज आदि की सुविधाओं और बचाव की जानकारी देने के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल के पालन का सुझाव दिया जाएगा।
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