लखीमपुर खीरी। भाजपा ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पार्टी लाइन से इतर जाकर पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को ही चुनौती देने वाले 28 वार्डों के 44 बागी उम्मीदवारों को छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है।
भाजपा ने जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 72 समर्थित उम्मीदवार उतारे हैं। इन सभी को जिताने के लिए पार्टी पूरी ताकत लगा रही है। उधर, भाजपा के 44 कार्यकर्ता पार्टी से हरी झंडी न मिलने के बाद भी जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ रहे हैं। कार्यकर्ताओं के बागी तेवर अपनाने को पार्टी हाईकमान ने गंभीरता से लिया है। इसी के चलते भाजपा अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष शेष नारायण मिश्र ने बागी प्रत्याशियों में शामिल पूर्व मंडल अध्यक्ष, मंडल उपाध्यक्ष, मंडल मंत्री, बूथ अध्यक्ष सहित 44 पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने जिलाध्यक्ष को इन प्रत्याशियों के पार्टी का लोगो और झंडा प्रयोग करने पर उन्हें जब्त किए जाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जो मान गए वो अंदर, जो नहीं माने वो बाहर
लखीमपुर खीरी। चुनाव से महज एक दिन पहले रविवार को भाजपा की जिला इकाई ने 28 वार्डों के 44 बागी उम्मीदवारों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है। यह वे लोग हैं, जो पार्टी लाइन के खिलाफ खुलकर सामने आए थे। इस संबंध में जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि हमारे लिए अनुशासन महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भाजपा अनुशासन को मानने वाली पार्टी है, और उसका अक्षरश: पालन करती है। हार के डर और देरी से की गई कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पहले से चल रही थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की रणनीति बूथ स्तर तक मजबूत है। जिला पंचायत सदस्य पद की 72 सीटें हैं, और करीब-करीब हर सीट पर एक-दो प्रत्याशी ऐसे थे जो भाजपा से तो जुड़े थे, मगर बागी हो चले थे। उनकी सूची बनाकर आलाकमान को अवगत कराया गया था, जिसके बाद बागी उम्मीदवारों को तलब किया गया। जो मान गए उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जो, नहीं माने और संगठन को चुनौती दी उन पर कार्रवाई की गई है।
इनको दिखाया बाहर का रास्ता
ब्रजलाल यादव, बल्लू गुप्ता, अशोक राठौर, खुशीराम वर्मा, सुनीता देवी, गंगाराम जायसवाल, रतीराम लोधी, भगवती देवी, संजय गिरि, कमलेश कुमार, राम आसरे मौर्या, मालचंद मोदी (निघासन), नीरज कुमार, डॉ अश्वनि कुमार सिंह (पलिया), सतीश विमल (बिजुआ), सतीराम गिरि, योगेंद्र वर्मा, शकुंतला देवी (फूलबेहड़), डोरेलाल वर्मा (बांकेगंज), विवेक अवस्थी, सतीश शर्मा, रामजी गुप्ता (कुंभी), श्यामा चरण राठौर (मोहम्मदी), लाल बहादुर वर्मा, कौशिक सिंह, अनूप सिंह, अवनीश शुक्ल, दिनेश चंद्र गुप्ता, विपिन बिहारी गुप्ता, मुन्नी देवी (पसगवां), गौरव सिंह (मितौली), धीरज शुक्ला, हरिशंकर वर्मा, पुनेश राज (बेहजम), दिलबाग सिंह, उमेश वर्मा (लखीमपुर), गीता वर्मा, मोहित वर्मा (नकहा), पूनम मिश्रा, सोनी भार्गव (ईसानगर) और पुष्पा देवी, राजू जायसवाल, दिनेश मिश्रा एवं गिरीश मिश्रा (रमियाबेहड़)
भाजपा विधायक की मां और भाई ने भी दाखिल किया था पर्चा, बाद में ले लिया था वापस
इससे पहले 8 अप्रैल को मितौली प्रथम एवं चतुर्थ से पार्टी की ओर से निर्धारित प्रत्याशी के खिलाफ कस्ता से भाजपा विधायक सौरभ सिंह सोनू की मां दमयंती
किशोर और भाई गौरव ने जिला पंचायत सदस्य पद का पर्चा दाखिल किया था। हालांकि, बाद में 11 अप्रैल को पार्टी की सख्ती के डर से उन्होंने पर्चा वापस ले लिया था। यहां बता दें कि दमयंती, पूर्व सांसद और भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य जुगुल किशोर की पत्नी और गौरव सिंह उनके पुत्र हैं।