बरेली। पान मसाला डीलर रामसेवक के महाकुंभ से शहर लौटने की सूचना पर शुक्रवार को दिल्ली से आई आयकर टीम ने दोबारा जांच-पड़ताल की। आवास और दो गोदामों की सील खोलकर टीम ने खरीद-बिक्री के अभिलेख खंगाले। मौजूदा स्टॉक का मिलान किया। इस दौरान कारोबारी की तबीयत बिगड़ गई तो आयकर टीम की निगरानी में उन्हें पास के निजी अस्पताल ले जाया गया। फिर वापस लेकर लौटे। बताते हैं कि कई संदिग्ध अभिलेख जब्त किए गए हैं। स्टॉक में भी गड़बड़ी मिलने की चर्चा है। रात साढ़े नौ बजे टीम दिल्ली लौट गई।
शुक्रवार सुबह दस बजे आयकर टीम फोर्स के साथ रामसेवक के आवास पर पहुंची। रामसेवक भारद्वाज और परिजनों की मौजूदगी में आवास पर लगी सील हटाकर ताले खोले गए। फिर सभी अंदर गए और दोपहर एक बजे आवास से सटे गोदाम की सील खोलने के लिए बाहर आए। इस दौरान टीम ने किसी से कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। रामसेवक और उनके परिजनों को भी चल रही गतिविधियों की जानकारी किसी से भी साझा करने से मना कर दिया। आवास के बगल में स्थित गोदाम का स्टॉक जांचने के बाद टीम ने सामने बने गोदाम का ताला खोला। वहां करीब घंटे भर तक स्टॉक का मिलान किया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई।
टीम ने खंगाला अमित का बैंक लॉकर, दवा खाने से मना करने पर आपत्ति
एक ओर रामसेवक के दस्तावेजों की जांच जारी थी, दूसरी ओर उनके छोटे भाई अमित भारद्वाज को साथ लेकर टीम जनकपुरी स्थित बैंक शाखा पहुंची। लॉकर की जांच के दौरान अमित ने टीम से दवा खाने के लिए घर जाने की गुजारिश की। टीम ने इसकी अनुमति नहीं दी। तब सूचना पर राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष विशाल मेहरोत्रा व अन्य लोग पहुंचे। आपत्ति जताई तो टीम ने दवा खाने के लिए घर भेजा।
व्यापारियों के घनघनाए फोन
आयकर टीम के दोबारा आने और दोनों भाइयों की जांच शुरू होने पर व्यापारियों में खलबली मची रही। एक-दूसरे को फोन कर जानकारी जुटाते रहे। हालांकि, दोनों भाइयों के फोन जब्त होने की वजह से किसी को कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
अमर उजाला ब्यूरो