जिले के जूनियर हाईस्कूलों में रिक्त विज्ञान के सहायक अध्यापक के 536 पदों पर पदोन्नति की जाए या नहीं, यह अब बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव तय करेंगे। सीधी भर्ती के लिए खाली रखे गए इन पदों पर प्रमोशन करने की शिक्षक संगठनों के जिद पर अड़ जाने के बाद बीएसए ने बृहस्पतिवार को प्रमोशन प्रक्रिया स्थगित कर दी और सचिव पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।
प्राइमरी स्कूलों के सहायक अध्यापकों का प्रमोशन प्राइमरी स्कूलों में ही प्रधानाध्यापक या जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर करने का प्रावधान है। इस समय 20 दिसंबर 2009 को प्राइमरी स्कूलों में पांच साल पूरे करने वाले सहायक अध्यापकों के प्रमोशन की प्रक्रिया चल रही है। जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापक के 541 पद रिक्त हैं जिनमें विज्ञान के 536 पदों को सीधी भर्ती के लिए छोड़ा गया है। बाकी पांच पदों के साथ बीएसए ने प्राइमरी स्कूलों में रिक्त 850 प्रधानाध्यापकों के पदों पर प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कराई थी। इसके लिए नौ, 10 और 11 दिसंबर को जीआईसी में काउंसिलिंग का कार्यक्रम रखा गया था।
पहले दिन तो 73 पद छुपाने की वजह से काउंसिलिंग निरस्त करनी पड़ी। बुधवार को दूसरे दिन प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के नेताओं ने जूनियर हाईस्कूलों में विज्ञान शिक्षकों के रिक्त पदों पर भी प्रमोशन की मांग करते हुए काउंसिलिंग का विरोध शुरू कर दिया। शिक्षक नेताओं के ऐसा करने पर प्राइमरी स्कूलों में भी प्रमोशन न होने देने की जिद पर अड़ जाने पर बीएसए देवेंद्र स्वरूप सचान को दोबारा काउंसिलिंग टालनी पड़ी। शिक्षक नेताओं की मांग के मुताबिक अब उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से निर्देशन मांगा है। बीएसए का कहना है कि अब सचिव के निर्देशन मिलने के बाद ही प्रमोशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।