केंद्रीय योजना के तहत लीलौर झील के जीर्णोद्धार की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिंचाई विभाग ने अब पैमाइश के साथ काम की शुरुआत कर दी है। झील का जीर्णोद्धार होने से जिले में पर्यटन गतिविधियों को पंख लगने की उम्मीद है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरबी यादव ने बताया कि राज्य सरकार लीलौर झील के सौंदर्यीकरण की योजना पर तेजी से काम कराना चाहती है। केंद्र और राज्य सरकार ने रिपेयर रिनोवेशन रेस्टोरेशन (आरआरआर) योजना के तहत जीर्णोद्धार कार्य के लिए तीन करोड़ रुपये जारी किए हैं। पिछले दिनों अल्पकालीन निविदाएं आमंत्रित हुईं थीं। इनको फाइनल कर दिया गया है। पहले चरण का काम चालू वित्तीय वर्ष यानी मार्च के अंत तक पूरा किया जाएगा। विभाग ने झील पर नाप जोख शुरू करा दी है। बृहस्पतिवार दोपहर में सिंचाई विभाग के छह अवर अभियंताओं ने लीलौर झील की पैमाइश शुरू करायी। जेई प्रेम कुमार टम्टा ने बताया कि जल्द ही झील का पानी निकलवा कर खुदाई होगी। वर्मा ने बताया कि मार्च तक खुदाई का काम पूरा कराकर डैम बनाया जाएगा। टीम में जेई दीपक कुमार, आविंद कुमार, रामकुमार और रामनरेश वर्मा आदि शामिल रहे।