बरेली। सभी तहसीलों पर धान खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। इसमें कुछ केंद्रों की हालत सबसे ज्यादा खराब रही तो कुछ लक्ष्य के करीब पहुंचे। लक्ष्य पूरा न होने का कारण बारिश तो कहीं किसानों को महीन धान का ऊचित मूल्य न मिलना रोड़ा बनकर सामने आया। दूसरी ओर जारी अव्यवस्थाओं के बीच भी किसान खरीद केंद्र पर नहीं पहुंचे। इस वजह से मीरगंज में 50 प्रतिशत से भी कम, फतेहगंज पूर्वी में 50, आंवला में 80 और बहेड़ी में 90 प्रतिशत का लक्ष्य ही पूरा हो पाया। अब जिन केंद्रों पर धान की आवक कम है। वहां विभागकर्मी घर-घर जाकर किसानों को इन केंद्रों पर धान खरीद करने को प्रेरित करेंगे। संवाद
क्षेत्र में अधिक किसानों ने की थी महीन धान की खेती
फतेहगंज पूर्वी। अधिकांश किसानों ने मोटे धान को खरीद केंद्रों पर पहुंचा दिया है, लेकिन क्षेत्र में महीन धान का इस बार रकबा ज्यादा रहा। ऊचित कीमत न मिलने पर किसान निजी आढ़तियों को बेच दिया।
क्षेत्र में सरकार की ओर से तीन धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सेंटर इंचार्जों ने बताया कि 10 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य था, जिसमें से 50 प्रतिशत तक धान केंद्रों पर पहुंच चुकी है। 31 जनवरी तक धान की खरीद की जाती रहेगी। लगभग 90 प्रतिशत किसानों ने धान की बिक्री कर दी है। दस प्रतिशत ही धान किसानों के पास बचा होगा।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सोमवीर सिंह का कहना है कि अधिकांश किसानों ने महीन धान की खेती की है, जिसको क्रय केंद्र न बेचकर अधिक कीमतों में निजी आढ़तियों को बेच दिया है। तहसील अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) वीरपाल सिंह यादव का कहना है कि कम खेती वाले किसान जब सेंटरों पर जाते थे तो उन्हें कागजातों सहित धान सुखाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। झंझट से बचने के लिए किसानों को निजी आढ़तियों को नकदी में धान बेचना पड़ता था। इधर, भगवानपुर कुंदन सेंटर के सचिव ज्ञानेश पाल सिंह ने बताया कि शुरुआत में कंबाइन से कटे हुए धान सेंटरों पर आए थे, जो कि गीले थे, उसको सुखाने की व्यवस्था केंद्र पर थी, लेकिन किसान नहीं आते थे।
68 हजार क्विंटल ही धान खरीदा गया
मीरगंज। क्षेत्र के पांच धान क्रय केंद्रों पर अभी तक लक्ष्य से आधी भी धान की खरीद नहीं हुई है। सभी पांच केंद्रों पर 1500 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक 68 हजार क्विंटल धान खरीदा गया है। धान क्रय केंद्र प्रभारी रजनी सिंह व सुभाष चंद्र ने बताया कि 31 जनवरी तक धान की खरीद की जाएगी। सोमवार को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये पर लगभग 100 क्विंटल धान खरीदा गया है। गांवों में जाकर लोगों को धान सरकारी खरीद केंद्रों पर लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। दूसरी ओर धान खरीद का लक्ष्य कम होने का कारण बारिश भी बताया गया है, जिसकी वजह से फसलों की पैदावार कम हुई। औरंगाबाद गांव के नेत्रपाल ने बताया कि महीन धान की कीमत निकल नहीं पाती। इसलिए सरकारी क्रय केंद्रों पर न देकर निजी मिल वालों को दे दिया। संवाद
धान की आवक हुई कम
बहेड़ी। तहसील में 33 धान खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी खरीद केंद्रों को तीन लाख 28 हजार 500 क्विंटल का लक्ष्य धान खरीद का दिया गया था। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक तीन लाख पांच हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। इधर, एफसीआई के केंद्र प्रभारी सुबोध कुमार ने बताया कि धान खरीद केंद्र सुचारू रूप से चालू है। किसान अब न के बराबर ही धान लेकर पहुंच रहे हैं। संवाद
धान खरीद केंद्र का इनपुट
आंवला। मंडी समिति परिसर स्थित सभी नौ धान क्रय केंद्रों पर अब तक लक्ष्य के सापेक्ष करीब आठ हजार टन धान की खरीद पूरी हो चुकी है, जो कि लक्ष्य का 80 प्रतिशत के करीब है। सहायक विपणन अधिकारी रोहितास कुमार ने बताया कि हम तय समय 31 जनवरी तक लक्ष्य को पूरा कर लेंगे। संवाद