बरेली। आठवीं वाहिनी पीएसी के सिपाही रवि ने प्रेमिका से शादी करने के लिए अपनी पत्नी मीनू की हत्या करवाई थी। घटना को अंजाम देने के लिए उसने एंबुलेंस के नर्सिंग असिस्टेंट और वाहनों की वर्कशाॅप में काम करने वाले डेंटर की मदद ली थी। पत्नी की हत्या के लिए तीन लाख रुपये सुपारी तय हुई, जिसमें पहली किस्त के रूप में इंजेक्शन लाने के लिए साठ हजार रुपये दिए गए। शुक्रवार को पुलिस लाइन में एसपी उत्तरी ने घटना का खुलासा किया, फिर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
मूल रूप से रामपुर के थाना मिलक के गांव सियारी निवासी रवि की शादी 2015 में रामपुर के ही थाना शहजादनगर के गांव बकनौरी निवासी जगदीश की पुत्री मीनू के साथ हुई थी। शादी के तीन साल बाद 2018 में वह पीएसी में बतौर सिपाही भर्ती हो गया। उसकी तीन बेटियां हैं। पत्नी और एक बेटी के साथ वह यहां पीएसी आठवीं वाहिनी के सरकारी आवास में रह रहा था।
एसपी उत्तरी मुकेश मिश्रा ने बताया कि रवि भूत-प्रेत का साया बताते हुए अपनी पत्नी का तांत्रिक से इलाज कराता था। बरेली में तैनाती के दौरान उसकी एक रिश्तेदार महिला से नजदीकी बढ़ गई और उससे शादी करने की खातिर रवि ने मीनू को ठिकाने लगाने की योजना बना ली। ठिरिया मोहनपुर में अपनी कार की डेंटिंग पेेंटिंग के दौरान उसकी जान पहचान शानू डेंटर से हो गई। पत्नी की हत्या के लिए रवि ने उसे तीन लाख की सुपारी दी। शानू ने उसको नर्सिंग असिस्टेंट जतिन से मिलवाया। जतिन ने इस तरह हत्या करने की योजना बनाई कि मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि न हो। योजना के अनुसार ही तीनों ने 22 फरवरी को घटना को अंजाम दिया। संवाद