शीशगढ़/दुनका। शाही-फतेहगंज पश्चिमी और शीशगढ़-धनेटा मार्ग इन दिनों हादसों का पर्याय बन चुके हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग का टोल टैक्स बचाने के चक्कर में सैकड़ों ओवरलोड वाहन इन संपर्क मार्गों से गुजर रहे हैं, जिससे न केवल सड़कें गड्ढों में तब्दील हो रही हैं, बल्कि राहगीर भी घायल हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव बिल्सा के पास बनी पुलिया निर्माण के तीन माह में ही दोनों ओर से धंस गई है। बाइक सवार आए दिन घायल हो रहे हैं। वहीं, मलसा खेड़ा मार्ग पर सांकेतिक बोर्ड और स्टॉपिंग लाइट न होने से एक माह में छह से अधिक बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोग जान गंवा चुके हैं। हाल ही में एक डीसीएम भी संकेतक न होने के कारण तालाब में पलट गया था।
राजस्व को चपत, जनता को दर्द
वेदपाल सिंह, मन्नान खां आदि ने बताया कि फतेहगंज टोल प्लाजा से बचने के लिए भारी वाहन मिर्जापुर-धनेटा मार्ग का उपयोग करते हैं। टोल बचाने के लिए आठ किमी के बजाय 10-15 किमी की दूरी तय करते हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रक आए दिन ग्रामीणों के लिए हादसों का सबब बन रहे हैं।
वर्जन,
कस्बे में सुबह 9:00 से रात 9:00 बजे तक नो-एंट्री लागू की गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर जनवरी में 1400 और फरवरी में 450 ओवरलोड वाहनों का चालान किया गया है। ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के लिए एआरटीओ बरेली के आदेश का इंतजार है, जिसके बाद सख्त कदम उठाए जाएंगे। - हरेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, शीशगढ़