बरेली। लालफाटक पर ओवरब्रिज का काम शुरू करने के लिए रेलवे ट्रैफिक का संचालन बंद कराएगा। रेलवे के अफसरों का कहना है कि साइट की मिट्टी की जांच के नमूने दिल्ली भेजे थे, वह पास होकर आ गए हैं। अब रेलवे ने ओवरब्रिज बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। दोनों ही क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ओवरब्रिज बनाने के लिए निर्माण सामग्री की सप्लाई शुरू करा दी गई है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि रोड बंद करने के लिए प्रशासन और सेतु निगम दोनों के अधिकारियों को लिखा जा चुका है।
सेतु निगम लालफाटक पर करीब दो साल से ओवरब्रिज का निर्माण करा रहा है। रेलवे अधिकारियों को भी क्रॉसिंग के ऊपर आने वाले हिस्से पर ओवरब्रिज का निर्माण करना है। करीब छह माह पहले रेलवे ने साइट से मिट्टी के नमूने जांच के लिए दिल्ली भेजे थे, जिनकी टेस्टिंग रिपोर्ट काफी विलंब के बाद अब आ गई है। इस दौरान रेलवे ने क्रॉसिंग के पास ही अपना साइट ऑफिस तो बना लिया, लेकिन ओवरब्रिज का काम शुरू नहीं हो सका।
हाल में मिट्टी के सैंपल पूरे होने के साथ ही रेलवे ने ओवरब्रिज बनाने की तैयारी शुरू करा दी है। कार्य स्थल पर बजरी सहित दूसरी निर्माण सामग्री की सप्लाई एक-दो दिन में पहुंचने की जानकारी है। अधिकारियों का कहना है कि क्रॉसिंग पर रेलवे को छह पिलर बनाने हैं। दोनों क्रॉसिंग में एक पर 46 मीटर और दूसरे पर 36 मीटर लंबाई का ओवरब्रिज बनना है। इस काम को शुरू करने के लिए लालफाटक पर आवागमन को पूरी तरह से बंद करने की जरूरत बताई जा रही है। अफसरों का कहना है कि क्रॉसिंग पर जगह कम है। ओवरब्रिज बनना शुरू होगा तो ट्रैफिक के निकलने की जगह ही नहीं बचेगी। ऐसे में ट्रैफिक बंद करना जरूरी है।
अब केवल कैंट की जमीन का पेच निकलना ही बाकी
लालफाटक ओवरब्रिज प्रोजेक्ट को लेकर सेतु निगम ने तो करीब 80 फीसद काम पूरा कर दिया है, लेकिन रेलवे की देरी से यह परियोजना बीच में रुकी चल रही है। रेलवे के भी काम शुरू करने का रास्ता साफ होने के साथ अब केवल कैंट एरिया में जमीन अधिग्रहण का पेच निकलना बाकी रह गया है। सेतु निगम को ओवरब्रिज का काम पूरा करने के लिए कैंट में करीब 6500 वर्गमीटर जमीन की जरूरत है। यह फाइल रक्षा मंत्रालय को पास करनी है।