बरेली। किला ओवरब्रिज बनने के बाद से ही उसकी सड़क पर अफसर और ठेकेदार मिलकर एक के ऊपर एक हॉटमिक्स की नई लेयर चढ़ाते चले गए। नियमों को दरकिनार कर उन्होंने खर्च तो बचाया लेकिन ओवरब्रिज खतरे के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। पुराना कोलतार और बजरी न हटाई जाने से इस ओवरब्रिज का कई हजार क्विंटल वजन बढ़ गया है। खतरे को भांप पीडब्ल्यूडी सड़क के रिन्यूवल के काम पर रोक लगा दी है। अफसर इस कोशिश में है कि रिसाइकिलिंग मशीन की मदद से ओवरब्रिज की पुरानी सड़क को उधेड़ कर पहले उसका भार कम हो। इसके लिए सड़क विशेषज्ञों की टीम को तकनीकी राय लेने के लिए बुलाया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि ओवरब्रिज की पुरानी सड़क को उधेड़ कर ही उस पर हॉटमिक्स की नई लेयर बिछनी चाहिए। जबकि इस ओवरब्रिज बनने के लिए छह से सात बार इस रोड का रिन्यूवल हो चुका है लेकिन उस पर एक के ऊपर सड़क की नई लेयर चढ़ा दी है। इससे कई हजार क्विंटल वजन बढ़ जाने से इस ओवरब्रिज पर खतरा पैदा हो रहा है। इससे इस ओवरब्रिज पर सड़क का रिन्यूवल कराने पर भी रोक लगा दी गई है। ओवरब्रिज पर रोड काफी खराब हो रही है, इसलिए कोशिश हो रही है कि इस काम के लिए रिसाइकिलिंग मशीन से काम कराया जाए। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि यह मशीन पहले हॉटमिक्स की पुरानी लेयर को उखाड़ कर उससे निकलने वाले मैटेरियल में दोबारा कोलतार आदि को मिक्स करके फिर से उसी से नई सड़क बना देती है। दिक्कत यह है कि इस मशीन से काम कराना काफी महंगा है और इसकी मशीनें भी आसानी से उपलब्ध नहीं होती है। फिर भी चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी ने इसके लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान को चिट्ठी भेजकर इस काम को कराने के लिए तकनीकी जानकारी मांगी है।
किला ओवरब्रिज पर हॉटमिक्स की जितनी भी पुरानी परतें हैं, उन्हें हटाया जाना जरूरी है। इसके लिए रिसाइकिलिंग मशीन से नई रोड बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम भी बुलाई जा रही है। -राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी