बरेली। आईवीआरआई क्रासिंग पर रेलवे के अफसर न तो ओवरब्रिज का काम शुरू कर सके और न ही समय से अंडरपास बना पाए हैं। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने रेलवे अधिकारियों को बारिश शुरू होने से पहले 15 जून तक अंडरपास बनाने के निर्देश थे, लेकिन ये काम भी लटक गया। अब अंडरपास में बारिश का पानी भर जाने से इसका निर्माण ठप हो गया है। यह समस्या रेलवे अफसरों की लापरवाही के कारण आई है, क्योंकि अंडरपास में ड्रेनेज सिस्टम बनाया ही नहीं गया।
इस ओवरब्रिज का काम पूरा करने में रेलवे अधिकारियों ने देरी के रिकार्ड तोड़ दिए हैं। सेतु निगम के काम कराने के छह-सात महीने के बाद भी क्रासिंग के ऊपर अपने हिस्से में आने वाले ओवरब्रिज का काम रेलवे नहीं शुरू करा पा रहा है। ठेकेदार और रेलवे अधिकारियों के बीच विवाद होने और मामला हाईकोर्ट पहुंच जाने के बाद स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई है। ओवरब्रिज के काम में देरी देखते हुए कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने सेतु निगम और रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक करके यह निर्देश दिए थे कि बारिश शुरू होने से पहले कम से कम अंडरपास का काम तो पूरा हो जाए, ताकि पब्लिक को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो। रेलवे ने एक ठेकेदार को करीब 11 करोड़ का काम दिया था। यह काम 15 जून तक पूरा होना था, लेकिन पहले काम में देरी और अब बारिश का पानी भर जाने से अंडरपास का काम ठप हो गया है। करीब सात-आठ दिन से साइट पर मशीनें खड़ी हैं। अंडरपास की आधी-अधूरी दीवार को भी नहीं पूरा कराया जा पा रहा है। बताते हैं कि रेलवे ने अंडरपास का काम तो शुरू करा दिया, लेकिन पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम बनाया ही नहीं। ऐसे में मानसून सीजन चलने तक यह काम भी पूरा होने के आसार नहीं दिख रहे।