बसपा ने अब पूर्व एमएलसी केसर सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया गया है।
जिलाध्यक्ष नरेंद्र सागर ने बताया कि हाईकमान के निर्देश पर केसर सिंह को तत्काल प्रभाव से पार्टी से बाहर किया गया है। मुख्य जोन कोआर्डिनेटर ब्रह्म स्वरूप सागर ने कहा कि केसर सिंह काफी समय से अनुशासन के दायरे से बाहर चल रहे थे। पार्टी उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रही थी। इस कारण पार्टी ने उन्हें निष्कासित करने का फैसला किया है। पार्टी के इस फैसले पर केसर सिंह ने कहा कि बसपा एक प्राइवेट कंपनी है। उसका किसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं है और न ही पाटी में कोई नियम कानून है। पार्टी में क्या चलता है इस बारे में सब जानते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों में नवाबगंज में बसपा को हैसियत का पता चल जाएगा। केसर सिंह 2007 में नवाबगंज विधान सभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था मगर हार गए थे।
आगे वह किस दल में जाएंगे यह बात अभी उन्होंने साफ नहीं की है। एमएलसी का कार्यकाल खत्म होने के बाद से ही केसर सिंह बसपा में बहुत सक्रिय नहीं रहे। पंचायत चुनाव में भी वह तटस्थ रहे। पहले उन्हें नवाबगंज से बसपा के टिकट का दावेदार माना जा रहा था। हाल ही में वहां से वीरेंद्र सिंह गंगवार हरी झंडी मिलने के बाद से वह नाराज चल रहे थे। इस बीच चर्चा है कि वह भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं और किसी सीट से प्रत्याशी बनाए जा सकते हैं।