शहर के एक उद्योगपति से एनओसी के नाम पर पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगना बरेली रेंज के फायर सर्विस के उपनिदेशक अजय गुप्ता को महंगा पड़ा गया। डीएम अमृत त्रिपाठी की संस्तुति के बाद शासन ने कार्रवाई करते हुए अधिकारी को निलंबित कर दिया।
शहर में स्थित औद्योगिक इकाई केआर पल्प एंड पेपर को फायर सर्विस से एनओसी लेनी थी। इसके लिए पेपर मिल के उपमहाप्रबंधक (कार्मिक व प्रशासनिक) सुमित माहेश्वरी, मिल के प्रबंधक नरेंद्र मिश्रा के साथ 19 जून को बरेली कार्यालय में उपनिदेशक से मिलने उनके बुलावे पर पहुंचे। आरोप है कि यहां पर उपनिदेशक ने एनओसी जारी करने के नाम पर पहले दस फिर पांच लाख रुपये की बतौर रिश्वत मांग की। रिश्वत नहीं देने पर यूं ही चक्कर काटने की धमकी दी। इस मामले को 27 जून को जिला उद्योग बंधु की हुई बैठक में रखा गया। आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने भी रिश्वतखोरी के मामले को उठाया था। इस पर डीएम अमृत त्रिपाठी ने फायर सर्विस के स्थानीय अधिकारियों से उनका फीडबैक लिया और उपनिदेशक की कार्यशैली को संदिग्ध मानते हुए 28 जून को शासन को रिपोर्ट भेज दी। सुमित माहेश्वरी ने बताया कि इससे पहले पेपर मिल को वर्ष 2016-17-18 के लिए एनओसी जारी होती रही है। वर्ष 2019 में एनओसी पाने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे थे। डीएम की रिपोर्ट को संज्ञान लेते हुए शासन ने बरेली रेंज के फायर सर्विस के उपनिदेशक को निलंबित कर दिया।