उझानी (बदायूं)। रविवार सरेशाम बैंक के सामने कछला निवासी आईटीआई के छात्र शमीम अहमद उर्फ समीर राणा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी नाबालिग छात्र से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई ऐसे क्लू मिले जो दोनों गुट के बीच रंगबाजी का भी संकेत दे रहे हैं। दोनों ही गुट में शामिल कई युवक एक-दूसरे को नीचा दिखाने का भी षडयंत्र रचते रहे। बात ज्यादा बढ़ी तो न्यू ईयर पर शमीम विरोधी गुट के छात्र और युवकों ने आमने-सामने पड़ने पर दहशत फैलाने की नीयत से बाकायदा तमंचा चलाने की ट्रेनिंग भी ली। ट्रायल में अमन फेल हुआ तो नाबालिग छात्र ने न्यू ईयर पर हवाई फायर कर साबित कर दिया था कि अगर जरूरत पड़ी तो वह दुश्मन का खेल खत्म कर देगा। कुछ इसी तरह के फिल्मी अंदाज में नाबालिग छात्र ने शमीम की जान ले ली।
रंगबाजी में कातिल बना 17 वर्षीय नाबालिग छात्र कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के प्रधान का बेटा है। रविवार सरेशाम भारतीय स्टेट बैंक के सामने उसने कछला निवासी आईटीआई के छात्र शमीम अहमद उर्फ समीर राणा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसने घटना के तुरंत बाद ही कोतवाली पहुंचकर सरेंडर कर दिया था। रविवार शाम से लेकर सोमवार पूर्वाह्न तक उसे कई दौर की पूछताछ से होकर गुजरना पड़ा। एसपी सिटी जितेंद्र श्रीवास्तव, सीओ सर्वेंद्र सिंह और प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर के सवालों का जवाब भी नाबालिग छात्र से ही मिला। पुलिस के अनुसार शमीम और मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव मटकुली निवासी अमन के गुट में छात्रों के अलावा कई युवक शामिल थे। कोतवाली में सरेंडर करने वाला नाबालिग छात्र भी अमन गुट का हिस्सा है। बताते हैं कि पिछले महीना किसी लड़की को लेकर दोनों गुटों में विवाद बढ़ा तो अमन ने शमीम को ठिकाने लगाने के लिए दोस्तों के साथ जो ट्रायल किया, उसी के तहत न्यू ईयर वाले दिन पंजाबी कालोनी के एक घर में उन्होंने तमंचा चलाने की ट्रेनिंग ली। ट्रेनिंग अमन के दोस्त छोटू ने दी थी। ट्रायल के दौरान अमन तमंचा चलाने में फेल हो गया तो नाबालिग छात्र ने फायर झोंककर दोस्तों में साबित कर दिया कि जरूरत पड़ने पर वह फेल नहीं होगा। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मौके पर दोनों गुट के सात-आठ युवक थे। उनके पास तीन तमंचे होने की बात भी सामने आई है लेकिन उनका इरादा एक-दूसरे को मात देने का ही रहा।
मृतक के पिता ने नाबालिग छात्र समेत दो को नामजद कराया
उझानी। भारतीय स्टेट बैंक के सामने कछला निवासी आईटीआई के छात्र शमीम अहमद की सरेशाम हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक के पिता अकील की तहरीर पर पांच युवकों पर रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें नाबालिग छात्र और अमन नामजद है। अज्ञात तीन युवकों में छोटू का नाम भी सोमवार को प्रकाश में आ गया। इसके बाद पुलिस ने उस बाइक को अहीरटोला मोहल्ले में एक सुनसान स्थान पर बरामद कर लिया, जिस पर बैठकर शमीम अपने दोस्त गौरव के साथ आया था। गौरव भी मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव मटकुली का निवासी है, लेकिन वह अमन की बजाय शमीम का करीबी रहा है। नाबालिग छात्र की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।
नाबालिग छात्र बोला- गोली नहीं चलाता तो शमीम मुझे मार देता
उझानी। शमीम की हत्या कर कोतवाली में सरेंडर करने वाले नाबालिग छात्र ने पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी बताया कि उसने खुद की जान पर जोखिम देखकर ही फायर झोंका था। तमंचा उसका नहीं बल्कि अमन का था। शमीम और गौरव उसके ऊपर हावी होते जा रहे थे, उसे लगा कि शमीम और गौरव उसे गोली मार देंगे, सो बचाव के लिए उसने कदम उठाया। नाबालिग छात्र को पुलिस ने सोमवार दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया। बाद में उसे न्यायिक अभिरक्षा में किशोर सुधार गृह बरेली भेज दिया गया। बता दें कि नाबालिग छात्र ने सरेंडर करने से पहले कोतवाली के सामने ही एक ठेला पर चाऊमीन खरीदी और कोतवाली गेट के बाहर खड़े होकर उसे खाया फिर अंदर जाकर सरेंडर कर दिया था।
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिशें दे रही हैं। दोनों ही गुट के जिन युवकों के नाम प्रकाश में आ रहे हैं, उनकी भी जांच होगी। घटना से जुड़े कुछ और पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है। जल्द ही अमन और तमंचा चलाने की ट्रेनिंग देने वाले युवक को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक।