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बारिश ने तो और बिगाड़ दिया हाईवे का हाल

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पीलीभीत। हाईवे एक तो पहले से ही जर्जर थे, सर्दी की पहली 36 घंटे की बारिश ने हाईवे की सड़कों की हालत और खराब कर दी। बारिश में बरेली-हरिद्वार, बीसलपुर हाईवे और असम हाईवे की सड़कें कई जगह से टूट गईं। जर्जर सड़क पर पानी भरने के साथ ही कई जगह दलदल की स्थिति बनी गई है।
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बीते कई साल से हाईवे एनएच और पीडब्ल्यूडी के बीच फंसे हैं। इससे उनकी मरम्मत या पैच वर्क नहीं हो पा रहा है। इसके चलते हाईवे की दशा दिन प्रतिदिन बिगड़ रही है। हाईवे के गड्ढों ने हाल ही में पुरनपुर जाते समय एक कार में सवार पांच यात्रियों की जान ले ली थी। मृतकों में तीन बच्चे शामिल थे। उसके बाद रिठौरा जाते समय एक बस पलट गई थी। उसमें 41 यात्री घायल हुए थे। जर्जर हाईवे पर आए दिन दुघर्टनाएं होती रहती हैं।
पीलीभीत की सीमा से होकर पांच हाईवे गुजरते हैं। इनमें पीलीभीत से होकर गुजरने वाला बरेली-हरिद्वारा नेशनल हाईवे है। बाकी बीसलपुर होते पीलीभीत-शाहजहांपुर हाईवे और पीलीभीत-टनकपुर स्टेट हाईवे हैं। बरेली-हरिद्वार हाईवे की देखभाल का जिम्मा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया पर है, जबकि बाकी हाईवे की देखभाल की जिम्मेदार पीडब्ल्यूडी की स्टेट हाईवे विंग देखती है। पीलीभीत-बीसलपुर हाईवे बने हुए सात साल हो चुके हैं। इसका लंबे समय से पैचवर्क नहीं हो पाया क्योंकि एनएच से पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर का मसला फंसा है, जबकि बाकी हाईवे पर भी गड्ढे हो चुके हैं। इन पर वाहनों की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम रहती है। दोपहिया वाहन सवार तो आए दिन गड्ढों में गिरकर चोटिल होते रहते हैं। दो दिन पहले सर्दी सीजन की पहली बारिश ने पुराने जर्जर हो चुके हाईवे में गड्ढे गहरे कर दिए। बरेली-हरिद्वार हाइवे के गड्ढों में पानी भर गया। दो पहिया वाहनों जैसे बाइक और कार चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। कुछ जगह हाईवे के गड्ढों में मिट्टी बारिश में गीली होने से तमाम वाहन उनमें फंसते नजर आए। हालांकि शनिवार को कुछ देर तक धूप रहने से दलदली मिट्टी सूखी। इससे यात्रियों को आवागमन में कुछ सुविधा रही।
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हाईवे के गड्ढों में सुधार कराया जा रहा है। बीसलपुर मार्ग के गड्ढे भरे जा चुके हैं। सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उसको विभागीय बजट के अनुसार दुरुस्त कराया जाएगा। - अनिल कुमार राना, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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