पीलीभीत। एनजीटी की सख्ती के बाद प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की टीम ने सिटी मजिस्ट्रेट को साथ लेकर बुधवार को एचएच शुगर मिल में छापा मारा। इस दौरान ईटीपी खराब होने के चलते केमिकलयुक्त पानी नाले में बहता पाया गया। वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था भी ठप मिली। सिटी मजिस्ट्रेट ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेजी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी।
सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पूनिया की अगुवाई में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दो सदस्यीय टीम ने बुधवार एलएच शुगर मिल में छापा मारा। निरीक्षण में मिल से निकलने वाला पानी रेलवे लाइन के समीप नाले से होकर संडा नाले में जाता हुआ मिला। संडा नाला आगे चलकर देवहा नदी में मिलता है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार चीनी मिल द्वारा निकलने वाले पानी को बिना ट्रीट कराए नाले में बहाया जा रहा है। इसकी शिकायत शासन और प्रशासन तक पहुंची थी। टीम को छापे के दौरान रेलवे लाइन के बाहर खेतों में केमिकलयुक्त तेलीय पानी बहता मिला। पानी को ट्रीटमेंट करने के लिए शुगर मिल के अंदर लगा ईटीपी (एफ्लयूऐंट ट्रीटमेंट प्लांट) भी खराब मिला। इसके अलावा वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था ठीक नहीं थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक सुनील कुमार और सहायक पर्यावरण अभियंता जितेंद्र लाल के अनुसार मिल की राख उड़ती दिखाई दी। इस पर मिल अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई। सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार चीनी मिल के अंदर राख दबाने का प्लांट लगा है, लेकिन वह ज्यादा बिजली खर्च होने के डर से उसे चलाते नहीं। निरीक्षण के बाद संयुक्त रिपोर्ट डीएम वैभव श्रीवास्तव को सौंप दी गई।
शिकायत मिलने पर एलएच मिल में छापेमारी की गई थी। इसमें ईटीपी के अलावा वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था भी खराब मिली। विधिक कार्रवाई और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए हेडआफिस लखनऊ रिपोर्ट भेजी जा रही है। -जितेंद्रलाल, सहायक पर्यावरण अभियंता, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड
चीनी मिल में पानी के ट्रीटमेंट को लगाया ईटीपी फुल कैपासिटी से चल रहा था। अफसरों ने पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया का आकलन किए बिना ही इसे गलत करार दे दिया। -आशीष गुप्ता, जीएम, एलएच चीनी मिल
शुगर मिल में राख चारों तरफ उड़ती पायी गई। फैक्ट्री का पानी भी गंदा और तेलीय था। जो पानी ईटीपी से आ रहा था, वह खेतों में जा रहा है, जो खतरनाक है। मेरी ओर से रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। -ऋतु पूनिया, सिटी मजिस्ट्रेट