पीलीभीत। आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में स्वास्थ्य विभाग के अफसर ग्राम पंचायत स्तर पर काम करने के बजाय महज खानापूरी करने में लगे है। इसकी पोल हाल ही में शासन से एक पत्र में खुली। इस पत्र में बताया गया है कि जनपद के 418 गांवों में किसी भी लाभार्थी के आयुष्मान कार्ड ही नहीं बना है। गांवों की यह संख्या जिले के कुल गांवों की लगभग एक तिहाई है। शासन ने 30 नवंबर तक अभियान चलाकर लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 94,000 पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं, लेकिन शासन के संज्ञान में आया है कि अभी 418 ऐसे गांव हैं जिसमें एक भी पात्र का गोल्डन कार्ड नहीं बना। यानी 82,353 लाभार्थी इससे छूट गए हैं। इतनी बड़ी संख्या स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है और आमजन के लिए यह हैरान करने वाली है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की मुख्य कार्यपालक अधिकारी संगीता सिंह ने जिन गांवों के लोगों के कार्ड नहीं बने हैं, उन गांवों की सूची भी ब्लॉकवार भेजी है। साथ ही 30 नवंबर तक वंचित गांवों के सभी पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं।
शासन द्वारा जनपदवार की गई समीक्षा के दौरान ये गांव पकड़ में आए। इससे स्पष्ट है कि अभियान शुरू होने से पूर्व या तो ठीक से कार्ययोजना नहीं बनाई गई या कार्ययोजना के अनुसार गोल्डन कार्ड बनाने के लिए कैंप नहीं लगाए जा रहे। इसको लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्य सचिव भी आगाह कर चुके हैं। इसके बावजूद
जनपद में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के कुल 1,73,000 लाभार्थी तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के कुल 3,353 लाभार्थी चयनित हैं। इसमें से लगभग 94,000 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। अब तक 4,300 लोगों को गोल्डन कार्ड का लाभ भी मिल चुका है। आयुष्मान कार्ड के जरिए लाभार्थी अपने परिवार के नामित सदस्य का सालाना पांच लाख रुपये का इलाज निशुल्क करा सकता है।
ब्लॉक वार छूटे गांवों की संख्या
ब्लाक गांवों की संख्या
अमरिया 57
बरखेड़ा 13
बिलसंडा 26
बीसलपुर 37
ललौरीखेड़ा 23
मरौरी 31
पूरनपुर 321
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सूची में कई ऐसे गांव भी शामिल हैं, जहां मात्र दो या तीन ही लाभार्थी हैं। कुछ ऐसे गांव भी शामिल हैं, जहां एक भी लाभार्थी नहीं है। फिलहाल इस मामले में गहनता से कार्य चल रहा है। 30 नवंबर तक गोल्डन कार्ड बना दिए जाएंगे। -अटलमणि शुक्ल, जिला समन्वयक, आयुष्मान योजना