बीसलपुर (पीलीभीत)। राज्य शैक्षिक एवं अनुसधान प्रशिक्षण परिषद लखनऊ के निदेशक ने डायट के पांच छात्रों का निष्कासन रद्द कर दिया है और उन्हें डायट में क्लास अटैंड करने की अनुमति दे दी है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (डायट) में 27 अप्रैल को छात्रों और तत्कालीन प्राचार्य पीआर गुप्ता में झगड़ा हो गया था। दोनों पक्षों ने कोतवाली में एक दूसरे के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तत्कालीन प्राचार्य द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में छात्र के शिव वर्मा, राजकिरन, राहुल, संजय, अक्षत को नामजद किया गया और 40-50 लोगों को अज्ञात बताया गया था। तत्कालीन प्राचार्य द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में गाली गलौज करने, मारपीट, जान से मारने की ध्मकी देने, सरकारी काम में व्यवधान डालने, सरकारी अभिलेख फाड़ने, तोड़फोड़ करने और डकैती डालने का आरोप लगाया गया था। दूसरे पक्ष के केशव द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में तत्कालीन प्राचार्य को नामजद किया गया था। इस रिपोर्ट में मारपीट करने, गाली गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने और धारदार हथियार से घायल करने का आरोप लगाया गया था। तत्कालीन प्राचार्य द्वारा की गई शिकायत के आधार पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद लखनऊ के निदेशक ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर मामले की जांच कराई थी, जिसमें छात्रों को दोषी पाया गया था। उसके बाद निदेशक ने 21 मई को उन पांचों छात्रों को डायट से निष्कासित कर दिया था। इस बीच निष्कासित छात्र मौजूदा प्राचार्य एसएम सिद्दीकी से कई बार मिले और उन्हें शपथ पत्र देकर भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया। मौजूदा प्राचार्य ने निदेशक को रिपोर्ट भेजकर छात्रों का निष्कासन रद्द करने की संस्तुति की और छात्रों द्वारा दिए गए शपथ पत्र भी भेज दिए थे। निदेशक ने छात्रों के हित में निर्णय लेते हुए उनका निष्कासन रद्द कर दिया और उन्हें क्लास अटैंड करने की अनुमति दे दी। इसकी पुष्टि मौजूदा प्राचार्य एसएम सिद्दीकी ने की।